बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाना चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यता
Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Jun 2026 10:21 AM
बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को अर्पित नहीं करना चाहिए
Hindu worship rules: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का पत्ता कुछ देवी-देवताओं को अर्पित नहीं किया जाता. जानिए भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा में इसके निषेध का कारण.
Hindu worship rules: सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा केवल श्रद्धा का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए कई धार्मिक नियम और परंपराएं भी निर्धारित की गई हैं. प्रत्येक देवी-देवता की अपनी प्रिय वस्तुएं होती हैं, जिन्हें अर्पित करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है. वहीं कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं, जिन्हें विशेष देवताओं को चढ़ाना वर्जित माना गया है. इन्हीं में से एक है बरगद का पत्ता, जिसे कुछ देवी-देवताओं की पूजा में इस्तेमाल नहीं किया जाता.
भगवान विष्णु की पूजा में क्यों नहीं चढ़ाया जाता बरगद का पत्ता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी दल अत्यंत प्रिय है. तुलसी को पवित्रता, सात्विकता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है. दूसरी ओर बरगद का वृक्ष वैराग्य, तपस्या और महाकाल से जुड़ा माना जाता है. इसी कारण भगवान विष्णु की पूजा में बरगद के पत्तों का उपयोग नहीं किया जाता. मान्यता है कि श्रीहरि को कोमल और सात्विक अर्पण अधिक प्रिय हैं, जबकि बरगद का संबंध संन्यास और स्थिरता से माना जाता है.
मां लक्ष्मी की पूजा में बरगद का पत्ता क्यों है वर्जित?
धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को चंचल स्वरूप माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का वृक्ष स्थायित्व, वैराग्य और मोक्ष का प्रतीक है. इसी वजह से गृहस्थ जीवन में मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान बरगद के पत्तों का उपयोग नहीं किया जाता. माना जाता है कि लक्ष्मी पूजा में कमल, गुलाब और अन्य शुभ पुष्पों का उपयोग अधिक फलदायी होता है.
गणेश जी की पूजा में भी नहीं किया जाता उपयोग
भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा, मोदक और लाल फूलों का विशेष महत्व बताया गया है. विघ्नहर्ता गणपति को प्रसन्न करने के लिए इन वस्तुओं का अर्पण शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश पूजा में ऐसे पत्तों का उपयोग नहीं करना चाहिए जो वैराग्य या कठोरता का प्रतीक माने जाते हैं. बरगद का पत्ता भी इसी श्रेणी में आता है, इसलिए इसे गणेश जी को अर्पित करना उचित नहीं माना गया है.
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पूजा में रखें इन बातों का ध्यान
देवी-देवताओं की पूजा करते समय उनकी प्रिय और वर्जित वस्तुओं की जानकारी होना आवश्यक है. सही विधि और श्रद्धा के साथ की गई पूजा अधिक शुभ फलदायी मानी जाती है. इसलिए पूजा सामग्री का चयन करते समय धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का पत्ता भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में अर्पित नहीं किया जाता. प्रत्येक देवता की प्रिय वस्तुएं अलग होती हैं और उसी के अनुरूप पूजा करने से आध्यात्मिक एवं धार्मिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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