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Nagula Chavithi 2025: आज नागुला चविथी के दिन कौन से देवता की होती है पूजा? जानिए इस पर्व का महत्व

Updated at : 25 Oct 2025 9:44 AM (IST)
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Nagula Chavithi 2025

Nagula Chavithi 2025

Nagula Chavithi 2025: क्या आप जानते हैं कि नागुला चविथी पर किसकी पूजा होती है और यह क्यों मनाया जाता है? आइए इस आर्टिकल में जानते हैं इस पर्व का विशेष महत्व और पूजा विधि.

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Nagula Chavithi 2025: नागुला चविथी, जिसे नाग चतुर्थी भी कहा जाता है, दक्षिण भारत में विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है. यह पर्व मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है.

 तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि: शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2025 को प्रातः 1:20 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्ति: 26 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3:45 बजे

पूजा मुहूर्त: 25 अक्टूबर 2025 को सुबह 10:59 बजे से दोपहर 1:10 बजे तक

पूजा विधि

  • स्नान और शुद्धता: पूजा से पूर्व प्रातःकाल उबटन और स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें.
  • पूजा स्थल की तैयारी: पूजा स्थान को स्वच्छ करके रंगोली बनाएं और नाग देवता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
  • नैवेद्य अर्पण: नाग देवता को दूध, फल, फूल, चंदन, सिंदूर और ताम्बूल अर्पित करें.
  • व्रत और उपवास: महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं और दिनभर नाग देवता की पूजा करती हैं.
  • मंत्रोच्चारण: नाग देवता के मंत्रों का जाप करें और नाग देवता से परिवार की सुख-शांति की कामना करें.

महत्व और धार्मिक मान्यता

  • नागुला चविथी का पर्व नाग देवताओं की पूजा के लिए समर्पित है, जो हिन्दू धर्म में विशेष स्थान रखते हैं.
  • यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अपने बच्चों की रक्षा और परिवार की समृद्धि के लिए मनाया जाता है.
  • माना जाता है की नाग देवताओं की पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है.

नागुला चविथी किस दिन मनाई जाती है?

नागुला चविथी दक्षिण भारत में श्रावण माह की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मनाई जाती है.

नागुला चविथी क्यों मनाई जाती है?

यह पर्व संतानों की लंबी उम्र, परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मनाया जाता है.

इस दिन क्या नहीं करना चाहिए?

इस दिन गुस्सा, झगड़ा और नकारात्मक कार्यों से दूर रहना चाहिए.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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