इस दिन मनाया जागा गुड़ी पड़वा का पर्व, जानें परंपरा और महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 09 Mar 2026 3:00 PM

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गुड़ी पड़वा कब है

Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा 2026 कब है, इसकी सही तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व जानें. यह पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत और नई उम्मीदों का प्रतीक माना जाता है.

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Gudi Padwa 2026: हिंदू धर्म में गुड़ी पड़वा का पर्व नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. खास तौर पर महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में यह त्योहार बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है और साथ ही चैत्र नवरात्र भी शुरू हो जाते हैं.

धार्मिक मान्यता है कि गुड़ी पड़वा का दिन नई उम्मीदों, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है. इसलिए इस दिन लोग अपने घरों में विशेष पूजा-पाठ करते हैं और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

गुड़ी पड़वा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि 20 मार्च 2026 को सुबह 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगी.

उदयातिथि के अनुसार साल 2026 में गुड़ी पड़वा 19 मार्च को मनाया जाएगा. इसी दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत भी होगी, जिसे हिंदू नववर्ष का पहला दिन माना जाता है.

गुड़ी पड़वा कैसे मनाया जाता है?

  • गुड़ी पड़वा का दिन सुबह से ही खास धार्मिक परंपराओं के साथ शुरू होता है. लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं और शरीर पर तेल लगाकर स्नान करते हैं. इसके बाद नए या साफ कपड़े पहनकर घर की सफाई और पूजा की तैयारी की जाती है.
  • इस दिन घर के मुख्य द्वार या खिड़की के पास एक लंबा डंडा लगाकर उस पर रेशमी कपड़ा, फूलों की माला, नीम की पत्तियां और ऊपर कलश सजाकर गुड़ी तैयार की जाती है. इसे घर के बाहर ऊंचाई पर लगाया जाता है.
  • गुड़ी को विजय और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. गुड़ी की पूजा करने के बाद परिवार के लोग नीम की पत्तियां और गुड़ या मिश्री का प्रसाद ग्रहण करते हैं. मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और सालभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
  • शाम के समय पूजा के बाद गुड़ी को उतारकर घर के अंदर किसी साफ और पवित्र स्थान पर रख दिया जाता है.

गुड़ी पड़वा का धार्मिक महत्व

  • हिंदू मान्यताओं के अनुसार गुड़ी पड़वा का दिन बहुत शुभ माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी.
  • इसी कारण यह दिन नई शुरुआत, सफलता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. महाराष्ट्र में लोग अपने घर के बाहर गुड़ी लगाकर भगवान से परिवार की खुशहाली और तरक्की की प्रार्थना करते हैं.
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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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