Muslim Marriage: रबी उल अव्वल महीने में निकाह कर सकते है या नहीं? जानें इस्लाम में क्या है नियम

Published by : Neha Kumari Updated At : 09 Sep 2025 6:41 PM

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Muslim Marriage Rule: रबी-उल-अव्वल का महीना इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस महीने पैगंबर हजरत मुहम्मद का जन्म हुआ था, इसलिए कहा जाता है कि इस महीने समय अधिकतर पैगंबर की याद में बिताना चाहिए. ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या इस महीने निकाह करना सही है या नहीं.

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Muslim Marriage Rule: रबी-उल-अव्वल इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का तीसरा महीना है. इस महीने को इस्लाम में बहुत खास माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म हुआ. इस महीने लोग ज्यादा इबादत, दरूद और जिक्र करते हैं. इस महीने निकाह यानी शादी करनी चाहिए या नहीं, इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल आते हैं. इसके बारे में अलग-अलग राय हैं. कुछ लोग कहते हैं कि रबी-उल-अव्वल में निकाह करना अच्छा होता है, वहीं कुछ कहते हैं कि इस महीने सिर्फ पैगंबर की याद में समय बिताना चाहिए और शादी-ब्याह और बड़े समारोह से बचना चाहिए.

रबी-उल-अव्वल में निकाल सही या गलत

बता दें कि इस्लाम में ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी महीने या दिन को अशुभ माना जाए. पैगंबर हजरत मुहम्मद ने कहा है, “किसी चीज में बद-शगुनी नहीं है.” मतलब किसी दिन या महीने को लेकर डर या शक करना गलत है.

कुरआन और हदीस में भी किसी महीने को निकाह के लिए मना नहीं किया गया. हर दिन और हर महीना अल्लाह की बनाई हुई चीज़ है, इसलिए कोई भी दिन अशुभ नहीं हो सकता. इसलिए, रबी-उल-अव्वल में निकाह करना पूरी तरह से जायज है. यदि इस महीने कोई निकाह करता है तो इसे सही माना जाएगा.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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