मातंगी जयंती है आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Published by : Neha Kumari Updated At : 20 Apr 2026 8:52 AM
मातंगी जयंती 2026
Matangi Jayanti 2026: आज 20 अप्रैल को मातंगी जयंती मनाई जा रही है. इस दिन माता मातंगी की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत और पूजा की जाती है. इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है. मान्यता है कि इस दिन की गई कुछ गलतियां पूजा के शुभ फल पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करें और क्या नहीं करें.
Matangi Jayanti 2026: हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मातंगी जयंती मनाई जाती है. आदि शक्ति के दस महाविद्या स्वरूपों में से नौवीं शक्ति मां मातंगी हैं. माता मातंगी को ज्ञान, कला और संगीत की देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां मातंगी की साधना से जीवन से डर-भय दूर होता है, सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और वाणी में सिद्धि आती है. हालांकि, इनकी पूजा के नियम अन्य देवियों से थोड़े भिन्न और विशिष्ट माने जाते हैं. आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों को करना शुभ और किन चीजों से बचना चाहिए.
मातंगी जयंती के दिन क्या न करें?
माता मातंगी को ‘उच्छिष्ट चाण्डालिनी’ भी कहा जाता है. उनकी पूजा में कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है:
- साफ-सफाई की अनदेखी न करें: इस दिन घर के किसी भी कोने में गंदगी न रहने दें. माना जाता है कि माता मातंगी को स्वच्छता और व्यवस्था अत्यंत प्रिय है.
- कला और संगीत का अपमान न करें: चूंकि माता मातंगी कला की अधिष्ठात्री हैं, इसलिए इस दिन किसी कलाकार, वाद्य यंत्र या पुस्तक का अपमान भूलकर भी न करें.
- वाणी पर नियंत्रण रखें: देवी मातंगी ‘वाक्’ (वाणी) की शक्ति हैं. मान्यता है कि इस दिन झूठ बोलना, अपशब्द कहना या घर में क्लेश करना माता को रुष्ट कर सकता है.
- तामसिक भोजन का सेवन न करें: जयंती के पावन अवसर पर मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए.
- अशुद्ध अवस्था में पूजा न करें: हालांकि कुछ विशेष साधनाओं में ‘उच्छिष्ट’ (जूठन) का भोग लगाने की परंपरा है, लेकिन सामान्य भक्तों को बिना स्नान किए या अशुद्ध अवस्था में पूजा नहीं करनी चाहिए.
मातंगी जयंती के दिन क्या करें?
- नीम के पत्तों का प्रयोग करें: माता मातंगी की पूजा में नीम के पत्तों का विशेष महत्व होता है. उन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है.
- संगीत साधना करें: यदि आप गायक या वादक हैं, तो इस दिन अपने वाद्य यंत्रों का पूजन करें.
- दान-पुण्य करें: इस दिन जरूरतमंदों को सुहाग सामग्री या पीले वस्त्र दान करना फलदायी माना जाता है.
- मंत्र जाप करें: शांति और एकाग्रता के साथ माता के बीज मंत्र का जाप करने से मानसिक स्पष्टता प्राप्त होती है.
- सात्विक भोजन करें: इस दिन केवल सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए.
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