सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं किए जाते ये सारे काम? जानिए धार्मिक मान्यताओं से जुड़े नियम

Published by : Shaurya Punj Updated At : 04 Jun 2026 4:25 PM

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सूर्यास्त के साथ ही बदल जाते हैं ये नियम

Sunset Time Rules: सूर्यास्त के समय और उसके बाद किए जाने वाले कुछ कार्यों को धार्मिक मान्यताओं में वर्जित माना गया है. जानें भोजन, धन, तुलसी और सफाई से जुड़े पारंपरिक नियम.

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Sunset Time Rules: सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं में सूर्यास्त के समय को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि दिन और रात के संधिकाल में वातावरण की ऊर्जा में परिवर्तन होता है, इसलिए इस समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है. पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं का उद्देश्य घर में सकारात्मकता, समृद्धि और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखना है.

भोजन और पानी को ढककर रखने की परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के समय भोजन और पानी को खुला नहीं छोड़ना चाहिए. इन्हें हमेशा ढककर रखने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि ऐसा करने से भोजन की शुद्धता बनी रहती है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है.

सूर्यास्त के बाद सफाई कार्य से बचें

कई परंपराओं में सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोछा या घर की बड़ी सफाई करने से मना किया गया है. लोकमान्यता है कि इससे घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. इसलिए सफाई के कार्य दिन के समय ही पूरे करने की सलाह दी जाती है.

धन और उपहार का लेन-देन क्यों टालें?

धार्मिक दृष्टि से सूर्यास्त के बाद किसी को पैसा, वस्तु या उपहार देना शुभ नहीं माना जाता. ऐसी मान्यता है कि इससे घर की आर्थिक स्थिरता और लक्ष्मी का वास प्रभावित हो सकता है. हालांकि यह एक पारंपरिक विश्वास है, जिसका पालन कई परिवार आज भी करते हैं.

खानपान और श्रृंगार से जुड़े नियम

सूर्यास्त के समय दही या अन्य खट्टे पदार्थों का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसी प्रकार सूर्यास्त के बाद माथे या शरीर पर चंदन का लेप लगाना भी कुछ परंपराओं में वर्जित माना गया है. इन नियमों को धार्मिक अनुशासन और परंपरा का हिस्सा माना जाता है.

तुलसी और पवित्र पौधों का सम्मान

हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है. मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद तुलसी या अन्य पूजनीय पौधों को नहीं छूना चाहिए. इसके पीछे श्रद्धा और धार्मिक सम्मान की भावना जुड़ी हुई है.

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नाखून काटने और कपड़े धोने से बचें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के समय नाखून काटना, कपड़े धोना या उन्हें सुखाने के लिए डालना शुभ नहीं माना जाता. इसी प्रकार अंतिम संस्कार से जुड़े कार्य भी सूर्यास्त के बाद करने से बचने की सलाह दी जाती है. ये सभी नियम भारतीय संस्कृति में समय और अनुशासन के महत्व को दर्शाते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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