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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर शनि के इन मंत्रों के जाप से करें साढ़े साती खत्म

Updated at : 12 Jan 2026 1:49 PM (IST)
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शनि दोष निवारण उपाय

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का दिन शनि दोष के पीड़ित जातकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस दिन शनिदेव की पूजा और उनके मंत्रों का उच्चारण करने से शनि दोष का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और साधकों के जीवन में सुख-शांति आती है. यहां हमने शनिदेव के 5 शक्तिशाली मंत्रों के बारे में बताया है.

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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर अपनी पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. इस दिन शनिदेव और सूर्यदेव की पूजा करने और मंत्र उच्चारण से साधकों के जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ता है. यह दिन धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी धार्मिक कार्य और ज्योतिषीय उपाय दोगुना फल देता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है, तो यह दिन शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. 

शनिदेव के 5 शक्तिशाली मंत्र

1. शनि देव के सामान्य मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः

जय जय श्री शनि देव

यह शनिदेव का  सबसे सामान्य और सरल मंत्र है. इसका जाप करने से शनि दोष का नकारात्मक प्रभाव कम होता है, जीवन में आने वाली बाधाएं और परेशानियां घटती हैं. यह मंत्र मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है.

2. शनि देव का बीज मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

यह बीज मंत्र शनि की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है. इसका जाप करने से जीवन में स्थिरता, धैर्य और सफलता आती है. खासकर व्यापार, नौकरी या किसी महत्वपूर्ण कार्य में बाधाएं होने पर यह मंत्र अत्यंत लाभकारी माना जाता है.

3. शनि देव के वैदिक मंत्र

ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः

यह मंत्र विशेष रूप से शनि के कष्ट और पीड़ा को दूर करने के लिए कहा जाता है. नियमित जाप से जीवन में आने वाली कठिनाइयों, वित्तीय और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है. यह मंत्र साधक को मानसिक शक्ति और साहस भी प्रदान करता है.

4. शनि पीड़ा निवारक मंत्र

नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्.
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

यह मंत्र शनि की दंडात्मक स्थिति के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है. इसे पढ़ने और जाप करने से साधक पर सुख, शांति और समृद्धि आती है. यह मंत्र विशेष रूप से उन जातकों के लिए लाभकारी है, जिनकी कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर है या शनि दोष है.

5. शनि गायत्री मंत्र

ऊँ भगभवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्

शनि गायत्री मंत्र के उच्चारण से मानसिक और शारीरिक शांति प्राप्त होती है. इसका नियमित जाप जीवन में संतुलन, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा लाता है. साथ ही, यह शनि दोष से जुड़ी परेशानियों को कम करने में यह मंत्रअत्यंत लाभकारी माना जाता है.

यह भी पढ़ें: Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर पुण्य काल क्यों है खास? जानें धार्मिक महत्व

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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