Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर पुण्य काल क्यों है खास? जानें धार्मिक महत्व

Published by : Neha Kumari Updated At : 12 Jan 2026 8:08 AM

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मकर संक्रांति पुण्य काल

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित है. खरमास के कारण रुके हुए सभी शुभ कार्य इस दिन से शुरू हो जाते हैं. इस दिन पुण्य काल का विशेष महत्व होता है. इस अवधि के दौरान स्नान, दान और पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से.

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Makar Sankranti 2026: इस वर्ष 14 जनवरी 2026, गुरुवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे सूर्य का उत्तरायण होना कहा जाता है. यह दिन धार्मिक कार्यों और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का पुण्य काल दान-पुण्य, स्नान और पूजा के लिए सबसे उत्तम होता है.

पुण्य काल क्या है?

पुण्य काल वह विशेष समय होता है, जिसमें किए गए धार्मिक और पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. मकर संक्रांति के दिन सूर्य के राशि परिवर्तन के कारण यह पुण्य काल बनता है. शास्त्रों के अनुसार, इस समय किया गया दान, जप-तप और स्नान जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है.

पुण्य काल में स्नान का महत्व

मकर संक्रांति के पुण्य काल में पवित्र नदी में स्नान का खास महत्व है. इसे अत्यंत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस समय स्नान करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है. हालांकि, जो लोग किसी कारणवश इस दिन नदी में स्नान नहीं कर सकते, वे घर पर ही स्वच्छ जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं.

सूर्य देव की पूजा

मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुण्य काल में सूर्य को अर्घ्य देने से मान-सम्मान, स्वास्थ्य और सफलता की प्राप्ति होती है.

पुण्य काल के समय करें दान

मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है. शुभ फल की प्राप्ति के लिए पुण्य काल के दौरान विशेष रूप से तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र, कंबल और धन का दान करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, इस समय किया गया दान कई जन्मों तक पुण्य प्रदान करता है. ऐसा माना जाता है कि इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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