Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन करें ये 4 ज्योतिषीय उपाय, कुंडली के सूर्य दोष से मिलेगा छुटकारा
Published by : Neha Kumari Updated At : 05 Jan 2026 1:09 PM
मकर संक्रांति 2026
Makar Sankranti 2026:ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य दोष होता है, वे यदि मकर संक्रांति के दिन कुछ विशेष उपाय करें, तो उन्हें इस दोष से राहत मिलती है. इससे दोष का प्रभाव कम होता है और मन को शांति प्राप्त होती है. आइए जानते हैं कि इस दिन कौन-से उपाय करना शुभ माना जाता है.
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक विशेष त्योहार है. यह सूर्यदेव के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है. यह दिन धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और दान के लिए बेहद शुभ और पुण्यवर्धक माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य दोष होता है, उनके लिए यह दिन दोष निवारण के उपाय करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय करने से सूर्य दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में शांति आती है.
सूर्य दोष के प्रभाव को कम करने के उपाय
सूर्यदेव को करें जल अर्पित
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य भारी होता है, उन्हें मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए. अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना उत्तम माना जाता है. लोटे में जल के साथ पुष्प और लाल चंदन डालें और सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य अर्पित करें.
दान करें ये वस्तुएं
सूर्य दोष के प्रभाव को कम करने के लिए साधकों को मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से जरूरतमंदों को दान देना चाहिए. इस दिन गुड़, दूध, चावल, अनाज, वस्त्र और कंबल का दान करना शुभ माना जाता है.
लाल रंग का वस्त्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान सूर्य को लाल रंग अत्यंत प्रिय है. इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण कर भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए. कहा जाता है कि इससे सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं.
लाल रंग के फूल
मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को लाल रंग के फूल, अक्षत और दूर्वा के साथ अवश्य अर्पित करें. माना जाता है कि लाल रंग के पुष्प सूर्यदेव को अत्यंत प्रिय होते हैं.
मंत्र उच्चारण
मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव के मंत्रों का जाप कुंडली के सूर्य दोष को शांत करने में सहायक होता है. इसलिए इस दिन सूर्यदेव के मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें.
- ॐ आदित्याय नमः
- ॐ सूर्याय नमः
- ॐ रवेय नमः
- ॐ पूषणे नमः
- ॐ दिनेशाय नमः
- ॐ सावित्रे नमः
- ॐ प्रभाकराय नमः
- ॐ मित्राय नमः
- ॐ उषाकराय नमः
- ॐ भानवे नमः
- ॐ दिनमणाय नमः
- ॐ मार्तंडाय नमः
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