Mahakumbh 2025: प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला शुरू, जानें महाकुंभ में कितने होंगे शाही स्नान
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 13 Jan 2025 3:22 PM
प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर स्नान करने जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का आगाज आज से हो गया है. त्रिवेणी संगम तट पर अभी तक 70 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में प्रवित्र स्नान कर चुके हैं. महाकुंभ के पहले स्नान के दिन आज संगम के सभी रास्तों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है.
Mahakumbh 2025: प्रयागराज के विशाल पावन संगम तट पर आज से दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेला शुरू हो गया है. आज लाखों श्रद्धालु महाकुंभ का पहला शाही स्नान कर रहे है. हर घंटे लगभग दो लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं. यह क्रम 26 फरवरी तक चलता रहेगा. इस महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होगा. गंगा और यमुना के किनारे बनाये गये अस्थायी टेंट सिटी को डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक चलने के लिए सुसज्जित किया गया है.
12 साल में एक बार होता है महाकुंभ मेला का आयोजन
धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाकुंभ में स्नान करने पर मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है. महाकुंभ मेला, जिसे पहले पूर्ण कुंभ कहा जाता था. महाकुंभ हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है. जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कानून पारित करके पूर्ण कुंभ का नाम बदलकर महाकुंभ कर दिया. इसी तरह, हर छह साल में होने वाले अर्ध कुंभ को कुंभ मेला नाम दिया गया. धार्मिक मान्यता है कि समुद्र मंथन में मिले अमृत कलश के लिए देवासुर संग्राम में जिन चार स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरी थीं, उनमें हरिद्वार, उज्जैन व नासिक के साथ प्रयागराज भी है. इन्ही चारों स्थान पर कुंभ मेला लगता है.
महाकुंभ पर 144 साल बाद अद्भुत संयोग
इस बार महाकुंभ पर 144 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है. 144 साल बाद सूर्य चंद्रमा, बृहस्पति और शनि की स्थिति एक साथ शुभ बन रही है. इसके साथ ही पूर्णिमा, रवि योग और भद्रावास का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह संयोजन समुद्र मंथन के समय भी हुआ था, इसलिए इसे बेहद पवित्र और शुभ माना जा रहा है.
बिजली के खंभों पर लगा क्यूआर कोड बता रहा श्रद्धालुओं को लोकेशन
त्रिवेणी संगम पर 25 सेक्टर में फैले महाकुम्भ मेला क्षेत्र में 50 हज़ार से ज्यादा विद्युत खंभों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं. महाकुम्भ मेले में आए श्रद्धालु बिजली के खंभों पर लगे क्यूआर कोड से अपनी लोकेशन जान सकेंगे. इस क्यूआर कोड से सभी श्रद्धालुओं को अपनी लोकेशन जानने में आसानी होगी कि वे किस सेक्टर या फिर किस सड़क पर हैं. इसके साथ ही श्रद्धालु अपने मोबाइल से क्यूआर कोड को स्कैन करके अपने सुझाव व शिकायतें भी नियंत्रण कक्ष को भेज सकते हैं.
महाकुंभ में होंगे छह शाही स्नान
- 13 जनवरी 2025: पौष पूर्णिमा स्नान
- 14 जनवरी 2025: मकर संक्रांति स्नान
- 29 जनवरी 2025: मौनी अमावस्या स्नान
- 3 फरवरी 2025: बसंत पंचमी स्नान
- 12 फरवरी 2025: माघी पूर्णिमा स्नान
- 26 फरवरी 2025: महाशिवरात्रि स्नान
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By Radheshyam Kushwaha
पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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