शादी से पहले नाड़ी और मांगलिक दोष क्यों है जरूरी? जानें कुंडली मिलान का सच

Published by :Shaurya Punj
Published at :07 May 2026 5:27 AM (IST)
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Kundali milan

शादी से पहले कुंडली क्यों है जरूरी

Kundali Matching: कुंडली मिलान में नाड़ी दोष और मांगलिक दोष को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. जानें इनके प्रभाव, कारण और वैवाहिक जीवन पर पड़ने वाले असर के बारे में.

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Kundali Matching:  हमारे समाज में विवाह तय करते समय अक्सर लोग सिर्फ गुण मिलान पर ध्यान देते हैं, लेकिन कुंडली मिलान का एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू दोष विचार भी होता है. यदि इन दोषों को नजरअंदाज किया जाए, तो वैवाहिक जीवन में कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. खासतौर पर नाड़ी दोष और मांगलिक दोष को ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है.

नाड़ी दोष का महत्व

कुंडली मिलान में नाड़ी को सबसे अधिक 8 अंक दिए जाते हैं, जो इसे अत्यंत प्रभावशाली बनाता है. नाड़ी तीन प्रकार की होती है—आदि, मध्य और अंत्य. यदि वर और वधू दोनों की नाड़ी समान होती है, तो इसे नाड़ी दोष कहा जाता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नाड़ी दोष होने पर पति-पत्नी के बीच शारीरिक और मानसिक सामंजस्य में कमी आ सकती है. कई बार यह देखा गया है कि ऐसे रिश्तों में आकर्षण धीरे-धीरे खत्म होने लगता है. इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और संतान प्राप्ति में बाधाएं भी इस दोष के कारण उत्पन्न हो सकती हैं. यही कारण है कि विवाह से पहले नाड़ी दोष की जांच बेहद आवश्यक मानी जाती है.

मांगलिक दोष का प्रभाव

मांगलिक दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है. मंगल एक उग्र और ऊर्जा से भरपूर ग्रह है, जो व्यक्ति को साहसी और प्रभावशाली बनाता है, लेकिन साथ ही उसका स्वभाव आक्रामक और हावी होने वाला भी हो सकता है.

यदि विवाह में एक पक्ष मांगलिक हो और दूसरा न हो, तो रिश्ते में असंतुलन पैदा हो सकता है. ऐसे मामलों में अहंकार टकराव, बार-बार झगड़े और आपसी समझ की कमी देखने को मिलती है. कई बार यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि रिश्ते टूटने की नौबत आ जाती है.

क्या करें उपाय?

हालांकि इन दोषों का प्रभाव गंभीर हो सकता है, लेकिन ज्योतिष में इनके समाधान भी बताए गए हैं. नाड़ी दोष के मामले में विशेष परिस्थितियों में इसे नजरअंदाज किया जा सकता है, जैसे कि गोत्र या अन्य गुणों का मिलान अनुकूल हो. वहीं मांगलिक दोष के लिए ‘कुंभ विवाह’ या विशेष पूजा-पाठ जैसे उपाय किए जाते हैं.

कुंडली मिलान सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वैवाहिक जीवन की स्थिरता और सुख-शांति के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. इसलिए विवाह से पहले दोष विचार को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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