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Kamada Ekadashi 2024 पर करें ये विशेष उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति, इस दिन केले के पेड़ की पूजा का है विशेष महत्व

Kamada Ekadashi 2024: कामदा एकादशी पर केले के वृक्ष की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है.

Kamada Ekadashi 2024: कामदा एकादशी, वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक, भगवान विष्णु को समर्पित है. यह दिवस आध्यात्मिक विकास और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करने से उनकी अपार कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं.

कामदा एकादशी पर केले के पेड़ की पूजा का महत्व

कामदा एकादशी पर केले की पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है. आपको बता दें कामदा एकादशी पर केले के पेड़ की पूजा करने से विष्णु भगवान आपकी सारी इच्छाएं पूरी होती है. केले के पेड़ की पूजा करने से ग्रह दोषों का निवारण होता है.

ऐसे करें केले के पेड़ की पूजा

केले के पेड़ पर हल्दी की गांठ, चने की दाल, गुड़, अक्षत, पीले फूल अर्पित करें. इसके बाद पेड़ के नीचे घी के दिए जलाएं और केले की वृक्ष की 21 बार परिक्रमा करें. आपको बता दें इस दिन केले के सेवन से बचें

आर्थिक समृद्धि के लिए करें ये उपाय

भगवान विष्णु का बीज मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का 5 माला जाप करें: यह मंत्र भगवान विष्णु को समर्पित है और माना जाता है कि इससे धन और समृद्धि प्राप्त होती है. जाप करते समय माला का उपयोग करें और शांत चित्त से मंत्र का उच्चारण करें. आप इस मंत्र का जाप करते समय भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठ सकते हैं या मंदिर में जा सकते हैं.

जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन या अन्य जरूरतमंद वस्तुएं दान करें: दान पुण्य करना एक पुण्य कार्य माना जाता है और इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. आप गरीबों, अनाथों, या जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, पैसे या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान कर सकते हैं. दान करते समय दान की गई वस्तु का मूल्य कम या ज्यादा नहीं होना चाहिए.

विवाह संबंधी बाधाएं दूर करने के लिए करें ये उपाय

भगवान विष्णु को दो साबुत हल्दी अर्पित करें: हल्दी को भगवान विष्णु को प्रिय माना जाता है और यह विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने में मदद करता है. आप दो साबुत हल्दी की गांठें लेकर भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने रख सकते हैं और उनसे विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना कर सकते हैं.

ॐ केशवाय नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें: यह मंत्र भगवान विष्णु को समर्पित है और माना जाता है कि इससे विवाह संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. आप इस मंत्र का जाप करते समय माला का उपयोग कर सकते हैं या शांत चित्त से मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं. आप इस मंत्र का जाप करते समय भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने बैठ सकते हैं या मंदिर में जा सकते हैं.

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कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए करें ये उपाय

भगवान विष्णु को कम से कम 11 पीले रंग के पुष्प अर्पित करें: पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है और यह संपन्नता और सफलता का प्रतीक है. आप भगवान विष्णु को कम से कम 11 पीले रंग के फूल, जैसे कि कमल, गुलाब या सूरजमुखी अर्पित कर सकते हैं. फूल अर्पित करते समय भगवान विष्णु से कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें.

व्रत के अगले दिन इन फूलों को आदर सहित जल में प्रवाहित कर दें: ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. आप इन फूलों को किसी नदी, तालाब या झील में प्रवाहित कर सकते हैं.

पूजा विधि

प्रातःकाल स्नान और वस्त्र: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें. स्नान के लिए गंगाजल या स्वच्छ जल का उपयोग करें. स्नान के बाद स्वच्छ, धुले हुए वस्त्र पहनें.Bपीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनना भगवान विष्णु को प्रिय होता है.

पूजा स्थान का श्रृंगार: अपने पूजा स्थान को साफ-सुथरा और सुगंधित करें. पूजा स्थान को फूलों, मालाओं और रंगोली से सजाएं. भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें. भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी, भगवान शिव, गणेश जी और कार्तिकेय जी की भी प्रतिमा या चित्र स्थापित कर सकते हैं. दीप, धूप, नैवेद्य, फल, फूल आदि से भगवान विष्णु की पूजा करें. नैवेद्य में भोग, पान, सुपारी, फल, मिठाई आदि अर्पित करें. भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अर्पित करना चाहिए.

मंत्रोच्चार और ध्यान: भगवान विष्णु के बीज मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” का 108 बार जप करें.विष्णु सहस्रनाम या गंगा स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं. ध्यान में भगवान विष्णु के स्वरूप का मनन करें. भगवान विष्णु को शंख बजाकर और घंटा बजाकर भी प्रसन्न कर सकते हैं.

व्रत : एकादशी के दिन निर्जला या फलाहारी व्रत रखें.यदि संभव हो तो पूरे दिन केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें.व्रत के दौरान नमक, मिर्च, लहसुन, प्याज आदि का सेवन न करें.व्रत के दौरान दिनभर भगवान विष्णु का ध्यान करते रहें. सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण करें.व्रत का पारण फल, दूध, दही, खीर आदि से कर सकते हैं.

दान-पुण्य : इस दिन किए गए दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है.गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र, धन आदि दान करें.दान करने से पुण्य प्राप्त होता है और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं.

कीर्तन और आरती: रात्रि के समय भगवान विष्णु की भक्ति में भजन-कीर्तन करें.भगवान विष्णु की आरती उतारें.आरती उतारते समय घंटा बजाकर और शंख बजाकर भगवान विष्णु का आह्वान करें.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष , वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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