Jyeshtha Purnima 2025: आज करें स्नान और दान, जानें मिलेगा क्या शुभ फल

Edited by Shaurya Punj
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Jyeshtha Purnima 2025 snan daan

Jyeshtha Purnima 2025: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जाता है. परंपरा के अनुसार, इस दिन चावल, दूध, सफेद वस्त्र, चीनी और अन्य शीतल प्रकृति की चीजें दान की जाती हैं. इसके अलावा, अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना भी अत्यधिक पुण्यदायक होता है और इससे जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है.

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Jyeshtha Purnima 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को ज्येष्ठ पूर्णिमा कहा जाता है, जिसे वट पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और लंबी उम्र की कामना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है, साथ ही पितरों को स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है. विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय जीवन के लिए व्रत रखती हैं. वे बरगद (वट) के पेड़ की पूजा करती हैं और उसके चारों ओर धागा बांधकर सात परिक्रमा करती हैं. यह परंपरा सावित्री-सत्यवान की कथा पर आधारित है, जिसमें सावित्री ने अपने तप और निष्ठा से अपने मृत पति को यमराज से वापस प्राप्त किया था.

इस वर्ष 2025 में, ज्येष्ठ पूर्णिमा आज 11 जून को पड़ रही है. यह दिन आस्था, श्रद्धा और परिवार के प्रति समर्पण की भावना को और भी मजबूत करता है. महिलाएं इस दिन निर्जल या फलाहार व्रत रखती हैं, कथा सुनती हैं और पूजा के बाद अपने पति के कल्याण की कामना करती हैं.

ज्येष्ठ पूर्णिमा

सबसे पहले जानते हैं कि ज्येष्ठ पूर्णिमा कब है. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 10 जून को सुबह 11:36 बजे से होगा और इसका समापन 11 जून को दोपहर 1:14 बजे होगा. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजा का आयोजन 11 जून 2025, मंगलवार को किया जाएगा. इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र और साध्य योग का शुभ संयोग भी बन रहा है. जहां ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 1:14 बजे तक रहेगा, वहीं साध्य योग दोपहर 2:04 बजे तक प्रभावी रहेगा. यह योग व्रत और पूजा के लिए अत्यंत फलदायक माना गया है.

दान क्या करें?

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं का दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इस दिन चावल, दूध, सफेद कपड़े, चीनी और अन्य शीतल एवं शुभ वस्तुएं दान करने की परंपरा है. साथ ही, अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना पुण्यदायी होता है.

ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत और पूजा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है. माना जाता है कि इस दिन के व्रत से चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है और मन को स्थिरता मिलती है. माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होता है. इसके अतिरिक्त, स्नान और दान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि अनेक गुना पुण्य फल की प्राप्ति भी होती है.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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