भद्रा के साए में होलिका दहन, जानें क्या करें क्या नहीं

Updated at : 06 Mar 2025 12:45 PM (IST)
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Holika Dahan 2025 on bhadra

Holika Dahan 2025 on bhadra

Holika Dahan 2025: होलिका दहन के दिन भद्रा काल उपस्थित रहेगा. हिंदू धर्म में भद्रा के समय किसी भी शुभ कार्य का आयोजन नहीं किया जाता है. भद्रा के कारण होलिका दहन के लिए लोगों को काफी समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी.

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Holika Dahan 2025: इस वर्ष होलिका दहन पर भद्रा का प्रभाव रहेगा, जिससे दहन का सही समय चुनना अत्यंत आवश्यक होगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 मार्च को होलिका दहन होगा और 14 मार्च को रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना निषिद्ध माना जाता है, क्योंकि इस समय किए गए कार्यों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए, होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अनिवार्य है.

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

पंडित मदन मोहन झा ने होलिका दहन के मुहूर्त पर जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष होलिका दहन का शुभ समय एक घंटा चार मिनट है. उन्होंने बताया कि 13 मार्च की रात 10:02 बजे पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी, जबकि भद्रा का अंत 10:44 बजे होगा. इस प्रकार, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 10:44 बजे के बाद निर्धारित किया गया है.

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होलिका दहन के दौरान इन कार्यों से संबंध

इस वर्ष 13 मार्च को शाम के समय भद्रा की छाया के कारण होलिका दहन के शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है. शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में किए गए कार्य शुभ फल नहीं देते हैं और इससे अशुभ परिणाम उत्पन्न हो सकते हैं. इसी कारण इस समय विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों को नहीं किया जाता है. विशेष रूप से, होलिका दहन को भद्रा में करना अनिष्टकारी प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इसे टालना अधिक उचित समझा जाता है.

होलिका दहन को लेकर धार्मिक महत्व और मान्यता

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. पौराणिक कथा के अनुसार, भक्त प्रहलाद को मारने के लिए उसकी बुआ होलिका ने उसे आग में बैठाने का प्रयास किया था, लेकिन विष्णु जी की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गयी. तभी से यह पर्व हर साल मनाया जाता है. होलिका दहन से पहले परिवार के बड़े-बुजुर्गों से सही मुहूर्त की जानकारी लें. लकड़ियों और उपलों के साथ होली सजायें और परंपरागत रूप से पूजा करें. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हानिकारक सामग्री जैसे डीजल, मोबिल, अलकतरा, पटाखा आदि ज्वलनशील पदार्थ को जलाने से बचें.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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