ePaper

कैलेंडर ईयर 2025 में इस दिन से शुरू होने वाला है हिंदू नव वर्ष, यहां जानें सही तिथि

Updated at : 02 Jan 2025 11:51 AM (IST)
विज्ञापन
Hindu New Year 2025 Actual Date

Hindu New Year 2025

Hindu New Year 2025: हिंदू धर्म में एक जनवरी को नया साल मनाने की परंपरा नहीं है. इसका कारण यह है कि हिंदू पंचांग के अनुसार, एक जनवरी को हिंदुओं के नए साल की तिथि नहीं मानी जाती. हिंदू पंचांग के अनुसार, हिंदुओं का नया साल चैत्र मास से प्रारंभ होता है. जैसे पश्चिमी देशों में लोग आधुनिक ग्रेगोरियन कैलेंडर का पालन करते हैं, उसी प्रकार हिंदुओं के लिए हिंदू पंचांग का कैलेंडर महत्वपूर्ण है, जिसे विक्रम संवत के नाम से भी जाना जाता है. इसी आधार पर हिंदू नया साल मनाया जाता है.

विज्ञापन

Hindu New Year 2025: दुनियाभर में नए साल का उत्सव मनाया जा रहा है, क्योंकि आज से लोगों का कैलेंडर परिवर्तित हो गया है. वास्तव में, पश्चिमी देशों में आधुनिक ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार नया साल मनाया जाता है. इस कैलेंडर में नया साल एक जनवरी को मनाया जाता है, जबकि हिंदू धर्म में नए साल का उत्सव एक जनवरी को मनाने की परंपरा नहीं है.

2025 में हिंदू नव वर्ष कब मनाया जाएगा?

साल 2025 में हिंदू नव वर्ष 30 मार्च को मनाया जाएगा. यह दिन नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और धार्मिक अनुष्ठानों तथा संस्कारों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. हिंदू नव वर्ष के अनुसार, यह वर्ष विक्रम संवत 2082 होगा. भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू नव वर्ष को पारंपरिक तरीके से मनाने की प्रथा है. इस अवसर पर पूजा-पाठ, व्रत, और हवन के साथ-साथ घरों की सफाई और सजावट की जाती है. इस दिन पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन तैयार किए जाते हैं. कई राज्यों में इस दिन गुड़ी पड़वा, युगादि, और चेटीचंड जैसे त्योहार भी मनाए जाते हैं.

अगले सप्ताह मनाई जाएगी गुरु गोविंद सिंह जयंती, जानें इसका धार्मिक महत्व

हिंदू नव वर्ष और ग्रेगोरियन न्यू ईयर में 57 वर्षों का अंतर

हिंदुओं के नववर्ष की तिथि और ग्रेगोरियन न्यू ईयर के बीच एक वर्ष का अंतर है. वर्तमान में ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत हो चुकी है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, यह वर्ष 2081 है. 30 मार्च को प्रारंभ होने वाला नववर्ष हिंदू कैलेंडर में 2082 के रूप में दर्ज होगा. इस प्रकार, ग्रेगोरियन कैलेंडर हिंदू कैलेंडर से 57 वर्ष पीछे है. ग्रेगोरियन और हिंदू कैलेंडर के बीच 57 वर्षों का यह अंतर स्पष्ट है.

चैत्र नवरात्रि से हिंदुओं का नव वर्ष क्यों प्रारंभ होता है

पौराणिक कथाओं के अनुसार, चैत्र नवरात्र के पहले दिन देवी ने ब्रह्मा जी को सृष्टि की रचना का कार्य सौंपा था. इस कारण यह दिन सम्पूर्ण सृष्टि के आरंभ का प्रतीक माना जाता है. देवी भागवत पुराण के अनुसार, इसी तिथि पर देवी मां ने सभी देवी-देवताओं के कार्यों का वितरण किया था. इसलिए चैत्र नवरात्र को हिंदू नव वर्ष की शुरुआत के रूप में स्वीकार किया जाता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola