क्यों साल में दो बार आती है हनुमान जयंती? जानें इसके पीछे की कथा

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :03 Apr 2025 11:16 AM
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Hanuman Jayanti 2025

Hanuman Jayanti 2025

Hanuman Jayanti 2025: सनातन धर्म में चैत्र मास का अत्यधिक महत्व है. इस मास के आगमन का हनुमान जी के भक्त बड़ी उत्सुकता से इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दौरान हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है. यहां हम बताने जा रहे हैं कि चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.

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Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जयंती का पर्व प्रतिवर्ष बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है. वर्ष 2025 में यह उत्सव 12 अप्रैल को आयोजित होगा. सामान्यतः यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है? इस अद्वितीय परंपरा के पीछे एक दिलचस्प पौराणिक कथा छिपी हुई है. आइए, इसके रहस्य को समझते हैं.

भगवान हनुमान को अमर क्यों माना जाता है?

हिंदू धर्म में भगवान हनुमान को एक चिरंजीवी (अमर) देवता के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर उपस्थित हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. उन्हें राम भक्त, संकटमोचन और बजरंगबली जैसे अनेक नामों से जाना जाता है. हनुमान जी की भक्ति और शक्ति के कारण हिंदू धर्म में उनकी पूजा का विशेष महत्व है.

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हनुमान जयंती कब मनाई जाती है, और इस वर्ष यह कब है?

वाल्मीकि रामायण के अनुसार, हनुमान जी का जन्म कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था. इस दिन को हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है. इसके अतिरिक्त, चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को भी हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 2025 में, यह पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा.

हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है?

पहली हनुमान जयंती- इसे हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को आती है. इसे हनुमान जन्मोत्सव कहा जाता है.

दूसरी हनुमान जयंती- इसे विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो चैत्र पूर्णिमा के दिन होती है. इस दिन भगवान हनुमान को नया जीवन प्राप्त हुआ था.

हनुमान जयंती के पीछे की पौराणिक कथा

हनुमान जी के जन्मोत्सव को दो बार मनाने की एक दिलचस्प कहानी है. कहा जाता है कि जब हनुमान जी छोटे थे, तब उनकी शक्ति अद्वितीय थी. एक बार उन्हें अत्यधिक भूख लगी और उन्होंने आकाश में चमकते सूर्य को फल समझकर उसे निगलने का प्रयास किया. जैसे ही उन्होंने सूर्य को खाने की कोशिश की, चारों ओर अंधेरा छा गया. यह देखकर इंद्र देव चिंतित हो गए और उन्होंने अपने वज्र से हनुमान जी पर प्रहार किया. इस हमले से हनुमान जी बेहोश होकर पृथ्वी पर गिर पड़े. यह दृश्य देखकर उनके पिता पवन देव (वायु देवता) अत्यंत क्रोधित हो गए और उन्होंने पूरे ब्रह्मांड में वायु का प्रवाह रोक दिया.इससे सम्पूर्ण सृष्टि में संकट उत्पन्न हो गया और चारों ओर हाहाकार मच गया. तब भगवान ब्रह्मा ने हस्तक्षेप किया और पवन देव को शांत किया. उन्होंने हनुमान जी को नया जीवन प्रदान किया. मान्यता है कि यह घटना चैत्र मास की पूर्णिमा को हुई थी, इसलिए इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है.

हनुमान जयंती का महत्व

इस दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से भय, दुख और कष्टों से मुक्ति मिलती है. भक्तजन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं. मंदिरों में विशेष हवन, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है. इस दिन हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करने की परंपरा भी है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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