गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

Published by : Shaurya Punj Updated At : 09 Jul 2025 4:45 AM

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Guru Purnima 2025 religious importance

Guru Purnima 2025: गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म में गुरु के सम्मान और उनके ज्ञान के प्रति आभार प्रकट करने का पावन पर्व है. यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों का संकलन किया. यह पर्व आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक उन्नति का प्रतीक है.

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Guru Purnima 2025: गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा से भरपूर पर्व है, जिसे गुरु के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. यह त्योहार हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को आता है और इसे महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन वेदव्यास जी का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का संकलन और विभाजन कर मानवता को ज्ञान का मार्ग दिखाया. इस महान कार्य के कारण वे “आदि गुरु” के रूप में पूजे जाते हैं, और उनके सम्मान में ही इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाने की परंपरा है.

गुरु पूर्णिमा 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • गुरु पूर्णिमा 2025 का पर्व इस वर्ष 10 जुलाई (गुरुवार) को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा.
  • पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का आरंभ
  • 10 जुलाई को रात 01:37 बजे से होगा और 11 जुलाई को रात 02:07 बजे पर इसका समापन होगा.
  • इस प्रकार, गुरु पूर्णिमा व्रत एवं पूजन का श्रेष्ठ समय 10 जुलाई को रहेगा.

गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है

गुरु पूर्णिमा हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में अत्यंत पवित्र पर्व है. यह आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन आचार्य, संत और गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार महर्षि वेदव्यास का जन्म इसी दिन हुआ था, जिन्होंने वेदों और पुराणों की रचना की। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. गुरु को जीवन में ज्ञान का प्रकाश देने वाला और अज्ञानता का नाश करने वाला माना गया है. विद्यार्थी अपने गुरु को सम्मान देकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. बौद्ध परंपरा में माना जाता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध ने अपने शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था.

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— इसका अर्थ है कि गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय हैं. वे केवल शास्त्रों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि आत्मा को जाग्रत कर मोक्ष का मार्ग भी दिखाते हैं. यही कारण है कि गुरु के बिना किसी भी शिष्य की आध्यात्मिक उन्नति अधूरी मानी जाती है.

गुरु पूर्णिमा न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन का भी अवसर होता है. इस दिन साधु-संत, योगी और साधक विशेष तप और ध्यान करते हैं, वहीं गृहस्थ लोग अपने माता-पिता, शिक्षक या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले किसी भी व्यक्ति को गुरु मानकर उनका सम्मान करते हैं.

इस दिन देशभर के गुरुकुलों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर गुरु पूजन, यज्ञ, भजन और प्रवचन का आयोजन होता है. शिष्य अपने गुरु को पुष्प, वस्त्र, फल और मिठाई अर्पित कर उनका आशीर्वाद लेते हैं. यह परंपरा गुरु और शिष्य के बीच विश्वास और समर्पण के अटूट बंधन को दर्शाती है.

इस प्रकार, गुरु पूर्णिमा केवल वेदव्यास जी का जन्मदिन नहीं, बल्कि जीवन में गुरु की भूमिका को समझने और उनका आभार व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण दिन है, जो हर किसी को ज्ञान, अनुशासन और आत्मिक प्रगति की ओर प्रेरित करता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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