खरमास समाप्त: 15 अप्रैल से 29 जून तक विवाह के 24 मुहूर्त, 19 अप्रैल को अबूझ योग, शादी के ये हैं शुभ दिन

Published by :Radheshyam Kushwaha
Published at :14 Apr 2026 3:13 PM (IST)
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Marriage Muhurat 2026 in Hindu Panchang

विवाह मुहूर्त 2026

Marriage Muhurat April 2026: मेष संक्रांति के साथ 14 अप्रैल 2026 से खरमास समाप्त हो गया है और शुभ मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो गई है. सूर्यदेव के मीन से मेष राशि में प्रवेश को उच्च स्थिति माना जाता है, जिससे इसका महत्व बढ़ जाता है.

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Marriage Muhurat April 2026: सूर्यदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं. मेष संक्रांति के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो गईं. 14 अप्रैल दिन मंगलवार से खरमास समाप्त हो गया और विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ संस्कारों की शुरुआत हो गयी है. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और जीवन शक्ति का कारक ग्रह माना गया है, जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे उनकी उच्च राशि (उच्च स्थिति) माना जाता है. इस कारण इस संक्रांति का पुण्य और भी अधिक फलदायी माना जाता है.

अक्षय तृतीया शुभ कार्यों के लिए खास दिन

19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा, इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है. अक्षय तृतीया के दिन विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी और अन्य मांगलिक कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक अधिक मास रहेगा, जिसके चलते लगभग एक माह तक विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा.

6 जुलाई से 1 नवंबर तक रहेगा चातुर्मास

हिंदू धर्म में चातुर्मास को आत्मसंयम, साधना और आत्मचिंतन का विशेष आध्यात्मिक काल माना जाता है, इस वर्ष चातुर्मास 6 जुलाई से 1 नवंबर तक रहेगा. देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी पर जागृत होते हैं, इसी बीच की अवधि को चातुर्मास कहा जाता है. इस दौरान बिबाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते और धार्मिक साधना को महत्व दिया जाता है.

चातुर्मास के चार महीने आत्मबोध का प्रतीक

वर्षा ऋतु के कारण साधु-संत भ्रमण नहीं करते. वे एक स्थान पर रहकर जप, तप, स्वाध्याय और प्रवचन करते हैं. श्रद्धालु व्रत, कथा श्रवण, दान-पुण्य, सत्संग और सेवा में अधिक समय देते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास के चार महीने क्रमशः संयम, साधना, भक्ति और आत्मबोध का प्रतीक माने जाते हैं. देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के बाद विवाह और अन्य मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं.

शादी के ये हैं शुभ दिन

साल 2026 में 15 अप्रैल से 29 जून तक विवाह के लिए कुल 26 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं. 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया होने के कारण अबूझ मुहूर्त हैं, इस दिन शादी विवाह के साथ सभी तरह के मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे. इसके बाद अप्रैल में 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीख को विवाह के शुभ योग बन रहे हैं. वहीं मई में 1, 3, 5, 6, 7, 12, 13 और 14 मई को शादी के लिए अच्छे मुहूर्त हैं. वहीं जून में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26 और 29 जून को विवाह के शुभसंयोग बनेंगे. इन तीन महीनों में विवाह समारोहों की भरमार रहेगी.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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