Ekadashi In November 2025: नवंबर में कब-कब है एकादशी व्रत, जानिए उत्पन्ना एकादशी की तिथि

Published by : Shaurya Punj Updated At : 02 Nov 2025 5:13 AM

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नवंबर 2025 को पड़ेंगी ये दो एकादशी

Ekadashi In November 2025: सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सबसे पवित्र और फलदायी माना गया है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के सभी पाप, दोष और दुख दूर हो जाते हैं और मनचाही इच्छाएं पूरी होती हैं. नवंबर महीने में यह शुभ एकादशी व्रत कब-कब पड़ रहा है और इसका पारण (व्रत खोलने) का सही समय क्या है — जानिए

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Ekadashi In November 2025: हिंदू धर्म में एकादशी का दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. हर महीने दो एकादशियां आती हैं — एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में. इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विशेष पूजा करते हैं और उपवास रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि आती है.

नवंबर में पड़ेंगी दो खास एकादशियां

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नवंबर 2025 में दो बहुत ही शुभ एकादशियां पड़ रही हैं — देवउठनी एकादशी और उत्पन्ना एकादशी. एकादशी केवल व्रत का दिन नहीं बल्कि आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है. इन दिनों भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन की नकारात्मकता दूर होकर सौभाग्य का मार्ग खुलता है.

देवउठनी एकादशी 2025: भगवान विष्णु के जागने का पर्व

‘देवउठनी’ का अर्थ ही होता है — देवताओं का जागना. पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु आषाढ़ महीने की देवशयनी एकादशी से योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार महीने बाद कार्तिक महीने की देवउठनी एकादशी पर जागते हैं. इस समय को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते. जैसे ही भगवान विष्णु जागते हैं, वैसे ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है — इसलिए इस दिन को बहुत शुभ माना गया है.

देवउठनी एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त

वेदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर 2025 को सुबह 9:11 बजे शुरू होगी और 2 नवंबर 2025 को सुबह 7:31 बजे समाप्त होगी.

उत्पन्ना एकादशी 2025: व्रत की शुरुआत का दिन

देवउठनी के बाद नवंबर की दूसरी एकादशी उत्पन्ना एकादशी होगी, जो मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष में आती है. मान्यता है कि इसी दिन एकादशी देवी का जन्म हुआ था, जिन्होंने असुरों पर विजय पाकर धर्म की रक्षा की थी. इसीलिए यह दिन आत्मसंयम और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है.

उत्पन्ना एकादशी की तिथि और व्रत समय

  • व्रत की तिथि: शनिवार, 15 नवंबर 2025
  • एकादशी शुरू: 14 नवंबर को शाम 6:29 बजे
  • एकादशी समाप्त: 15 नवंबर को शाम 4:48 बजे
  • पारण (व्रत खोलने का समय): 16 नवंबर, सुबह 6:15 से 8:30 बजे के बीच

एकादशी पर करें ये काम और बचें इन गलतियों से

क्या करें

  • भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा करें.
  • पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.
  • जरूरतमंदों को भोजन या दान दें.
  • दिनभर भजन-कीर्तन करें और विष्णु नाम जपें.

क्या न करें

  • चावल, मसूर दाल और मांसाहार का सेवन न करें.
  • झूठ बोलने, क्रोध करने या अपमान करने से बचें.
  • बिना स्नान किए पूजा न करें.

एकादशी व्रत का महत्व

एकादशी व्रत केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक ऊर्जा देने वाला दिन भी है. नवंबर की देवउठनी एकादशी भगवान विष्णु के जागरण का प्रतीक है, जबकि उत्पन्ना एकादशी व्रत परंपरा की शुरुआत मानी जाती है. अगर इन दोनों दिनों श्रद्धा और नियम से व्रत किया जाए, तो भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग खुल जाता है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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