Eid-ul-Fitr 2020: आज है ईद उल फितर, जानिए क्यों और कब मनाया गया था पहली बार ये त्योहार

Updated at : 25 May 2020 10:01 AM (IST)
विज्ञापन
Eid-ul-Fitr 2020: आज है ईद उल फितर, जानिए क्यों और कब मनाया गया था पहली बार ये त्योहार

Eid-ul-Fitr 2020: What is eid ul fitr and how it is celebtated, ईद 25 मई को मनाई जा रही है. रविवार की शाम को चांद के दिखने के बाद ये निश्चित हो गया. इसके बाद आज देश भर में ईद मनाई जा रही है.

विज्ञापन

ईद आज 25 मई को मनाई जा रही है. रविवार की रात को चांद के दीदार होने के बाद आज देश भर में ईद मनाई जा रही है. इस बार देशभर में कोरोना वायरस को लेकर लागू किया गया लॉकडाउन 04 के कारण ईद घर पर ही परिवार के साथ मनायी जाएगी. ईद रमजान के 30 रोजों के बाद चांद देखकर मनाई जाती है. ईद का मतलब होता है खुशी मनाना. इसे लोग ईद-उल-फितर भी कहते हैं.

मुस्लिमों का सबसे बड़ा त्योहार ईद इस बार 25 मई को मनायी जा रही है. इस दिन मस्जिद में जाकर नमाज अदा की गई. वहीं, इस दिन एक-दूसरे से गले मिल कर ईद की मुबारकबाद लोग दे रहे है. ईद का त्योहार भाईचारे को बढ़ावा देने वाला और बरकत के लिए दुआएं मांगने वाला है. पवित्र कुरान के मुताबिक, रजमान के पाक महीने में रोजे रखने के बाद अल्लाह इस दिन अपने बंदों को बख्सीश और इनाम देता है, इसलिए इस दिन को ईद कहते है. पूरे विश्व में ईद की खुशी पूरे धूमधाम से मनाई जा रही है

मुसलमान ईद के दिन खुदा का शुक्रिया अदा करते है कि उन्होंने महीनेभर उपावस रखने की ताकत दी. ईद पर एक खास रकम जिसे जकात कहते हैं, जो गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निकाल दी जाती है. नमाज के बाद परिवार में सभी लोगों का फितरा दिया जाता है, जिसमें 2 किलो ऐसी चीज दी जाती है जो प्रतिदिन रखने की हो. पहली ईद उल-फितर पैगंबर मुहम्मद ने सन 624 ई. में जंग-ए-बदर के बाद मनाया था. पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र के युद्ध में विजय प्राप्त की थी. उनके विजय होने की खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है.

इस्लाम धर्म में एक साल में दो ईद मनाई जाती है. पहली मीठी ईद जिसे रमजान महीने की आखिरी रात के बाद मनाई जाती है. दूसरी, रमजान महीने के 70 दिन बाद मनाई जाती है, इसे बकरीद कहते हैं. बकरा ईद को कुर्रबानी की ईद माना जाता है. पहली मीठी ईद, जिसे ईद उल-फितर कहा जाता है और दूसरी बकरी ईद को ईद उल-जुहा कहा जाता है.

कुरआन के अनुसार पैगंबरे इस्लाम ने कहा है कि जब ईमान रमजान के पवित्र महीने के एहतेरामों से फारिग हो जाते हैं और रोजों-नमाजों तथा उसके तमाम कामों को पूरा कर लेते हैं तो अल्लाह एक दिन अपने उक्त इबादत करने वाले बंदों को बख्शीश व इनाम से नवाजता है. इसलिए इस दिन को ‘ईद’ कहते हैं और इसी बख्शीश व इनाम के दिन को ईद-उल-फितर का नाम देते हैं.

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है. इस पूरे माह में रोजे रखे जाते हैं. इस महीने के खत्म होते ही 10वां माह शव्वाल शुरू होता है. इस माह की पहली चांद रात ईद की चांद रात होती है. इस रात का इंतजार साल भर से किया जाता है, क्योंकि इस रात को दिखने वाले चांद से ही इस्लाम के बड़े त्योहार ईद-उल-फितर का ऐलान होता है. यह चांद ईद का पैगाम लेकर आता है, इस चांद रात को ‘अल्फा’ कहा जाता है.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola