Diwali 2025 Kuber Puja: दिवाली पर करवानी है धन की बरसात? तो कुबेर जी को चढ़ाना न भूलें उनकी ये खास पसंदीदा चीजें

Published by :Shaurya Punj
Published at :17 Oct 2025 11:37 AM (IST)
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दिवाली पर कुबेर देव को अर्पित करें ये चीजें

Diwali 2025 Kuber Puja: दिवाली पर धन और संपत्ति के देवता भगवान कुबेर की पूजा विशेष महत्व रखती है. उन्हें खुश करने के लिए कुछ खास चीजें चढ़ाई जाती हैं, जो समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक मानी जाती हैं. इनके अर्पण से घर में धन, भंडार और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

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Diwali 2025 Kuber Puja: दिवाली सिर्फ देवी लक्ष्मी की पूजा का त्योहार नहीं है, बल्कि इसे धन और संपत्ति के देवता भगवान कुबेर की पूजा का भी दिन माना जाता है. इस दिन भगवान कुबेर को खुश करने से घर में धन-संपत्ति और समृद्धि बनी रहती है. अगर आप पूजा में कुछ खास चीजें उनके सामने अर्पित करेंगे, तो उनके आशीर्वाद से आपके घर में खुशहाली बढ़ सकती है. आइए जानते हैं वो चीजें जो भगवान कुबेर को सबसे ज्यादा प्रिय हैं.

धनिया (सूखा धनिया या धनिया पंजीरी)

धनिया को समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है. पूजा में सूखा धनिया या धनिया की पंजीरी अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों में राहत मिलती है और घर के भंडार में वृद्धि होती है.

कमलगट्टा (कमल के बीज)

कमलगट्टा भगवान लक्ष्मी और कुबेर दोनों को प्रिय है. इसे पूजा में अर्पित करने से स्थायी धन की प्राप्ति होती है और घर में समृद्धि बनी रहती है. इसे लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है.

इत्र (सुगंधित द्रव्य)

भगवान कुबेर को खुशबू बहुत पसंद है. इत्र अर्पित करने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है. यह पूजा में ऐश्वर्य और भोग की भावना को भी दर्शाता है.

सुपारी और लौंग

सुपारी दृढ़ता और स्थायित्व का प्रतीक है, जबकि लौंग शुद्धता और सुरक्षा का. इन दोनों को अर्पित करने से पूजा में शुभता आती है और घर की रक्षा होती है.

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फूल

भगवान कुबेर को गेंदे के फूल बहुत प्रिय हैं. पूजा में नियमित रूप से गेंदे के फूल अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

कुबेर पूजा में अतिरिक्त चीजें

कुबेर की पूजा में आप इलायची और दूर्वा जैसी चीजें भी अर्पित कर सकते हैं. इलायची शुभता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है. इसकी खुशबू और मिठास घर में लक्ष्मी-कुबेर की कृपा लाने में मदद करती है. दूर्वा (हरी घास) भी बहुत शुभ मानी जाती है और यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा लाती है.

कुबेर को प्रिय भोजन

भोजन के रूप में चावल की खीर और घी से बनी लापसी भगवान कुबेर को बेहद प्रिय हैं. खीर अर्पित करने से जीवन में मिठास और संतुलन आता है, जबकि लापसी से घर के भंडार भरते हैं और अन्न-धन की कमी नहीं होती.

नैवेद्य का महत्व

पूजा के अंत में नैवेद्य यानी सात्विक और मीठा भोजन अर्पित करना जरूरी है. यह भक्त की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है और भगवान कुबेर की कृपा पाने का मुख्य तरीका माना जाता है.

दिवाली पर कुबेर पूजा से लाभ

दिवाली पर इन विशेष चीजों को भगवान कुबेर को अर्पित करने से घर में धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है. इससे परिवार खुशहाल और जीवन में खुशियाँ बनी रहती हैं.

2025 में दिवाली कब है?

2025 में दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन रात में पूर्ण अमावस्या होगी, इसलिए 20 अक्टूबर को ही दिवाली मनाना शुभ माना गया है. वहीं, 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी. इसलिए, पारंपरिक रूप से 20 अक्टूबर को दिवाली मनाना सही रहेगा.

दिवाली या दीवाली – कौन सा सही है?

दोनों शब्द – “दीपावली” और “दिवाली” – सही माने जाते हैं. “दीपावली” मूल और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध शब्द है. “दिवाली” इसका छोटा और बोलचाल में इस्तेमाल होने वाला रूप है, जो खासकर उत्तर भारत में ज्यादा प्रचलित है.

दीपावली का दूसरा नाम क्या है ?

दीपावली को “दीपोत्सव” भी कहा जाता है. इसका मतलब है – दीपों का उत्सव. यह पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का प्रतीक है, और इस दिन घर और मंदिरों में दीपक जलाए जाते हैं.

राम मंदिर में दिवाली कब है?

अयोध्या में राम मंदिर की दिवाली इस साल 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी. यह भव्य उत्सव तीन दिन तक चलेगा. 17 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर को समाप्त होने वाले इस उत्सव में 30 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में डिजिटल कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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