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Dhanteras 2025 Exact Date: 17 या 18 अक्टूबर इस साल कब है धनतेरस? जल्दी से नोट करें पर्व की सही तिथि और पूजा विधि

Updated at : 11 Oct 2025 9:14 AM (IST)
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Dhanteras Puja 2025

Dhanteras Puja 2025

Dhanteras 2025: धनतेरस खासकर धन और स्वास्थ्य की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन लोग सोना, चाँदी और आवश्यक वस्तुएँ खरीदकर माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं. आइए जानते हैं, धनतेरस कब है और इस दिन पूजा कैसे की जाती है.

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Dhanteras 2025 date, timing Significance : धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है. विशेषकर व्यापारियों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके नए साल की शुरुआत जैसा माना जाता है.

18 अक्टूबर को मनाया जाएगा धनतेरस

पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस साल 18 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे शुरू होगी. यह तिथि अगले दिन 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1:51 बजे समाप्त होगी. इसी दिन धनतेरस का त्योहार पूरे देश में मनाया जाएगा.

धनतेरस पूजा विधि( Dhanteras Puja Vidhi at home)

स्नान और साफ कपड़े: धनतेरस के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें.

मंदिर की सफाई: घर के मंदिर को अच्छी तरह साफ करें.

पूजा चौकी सजाना: लाल या पीले कपड़े पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर जी और माँ लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें.

दीपक जलाना: घी का दीपक प्रज्वलित करें और कुबेर जी के नीचे थोड़ा चावल रखें.

देवताओं का आह्वान: भगवान गणेश का आह्वान करके पूजा शुरू करें.

तिलक और फूल: देवताओं को चंदन का तिलक लगाएं और चावल, फूल, रोली आदि अर्पित करें.

भोग और मंत्र: मिठाई और फल चढ़ाएं. कुबेर मंत्र “ओम ह्रीं कुबेराय नमः” 108 बार जप करें.

स्तोत्र और आरती: धनवंतरी स्तोत्र पढ़ें और लक्ष्मी, धन्वंतरि व कुबेर की आरती करें.

झाड़ू पूजन: नई झाड़ू को लक्ष्मी मानकर पूजन करें, कलावा बांधें और तिलक व चावल चढ़ाएं.

शाम का दीपक: शाम को आटे या तिल के तेल के दीये जलाकर घर के बाहर दक्षिण दिशा में रखें.

धनिया और नमक: पूजा में चढ़ाए गए धनिया को अगले दिन तिजोरी में रखें और नमक को घर में किसी जगह दबा दें.

दान और प्रसाद: श्रद्धा अनुसार दान करें और पूजा के बाद प्रसाद बांटें.

 धनतेरस पर किसकी पूजा होती है?

इस दिन माँ लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा की जाती है. माँ लक्ष्मी धन और समृद्धि देती हैं, भगवान धन्वंतरि स्वास्थ्य और आयु बढ़ाते हैं, और कुबेर जी घर में सुख-समृद्धि लाते हैं.

धनतेरस क्यों खास है?

धनतेरस को धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन सोना, चाँदी और नई चीज़ें खरीदना शुभ होता है. व्यापारियों के लिए यह नए साल की तरह महत्वपूर्ण दिन होता है.

पूजा की मुख्य विधि क्या है?

सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें, पूजा चौकी सजाएँ, दीपक जलाएँ, भगवान गणेश का आह्वान करें, भोग चढ़ाएँ, कुबेर मंत्र और धन्वंतरि स्तोत्र का जाप करें, और लक्ष्मी, धन्वंतरि व कुबेर की आरती करें.

झाड़ू पूजन और दान क्यों किया जाता है?

 नई झाड़ू को लक्ष्मी मानकर पूजा करने से घर में समृद्धि आती है. दान करने से पुण्य और भगवान की कृपा बनी रहती है.

 धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

सोना, चाँदी, नया बर्तन, झाड़ू, दीपक और घर के उपयोगी सामान खरीदना शुभ माना जाता है.

ये भी पढ़े: धनतेरस पर क्यों खरीदते हैं झाड़ू? जानें इसके धार्मिक महत्व

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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