आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, मां चंद्रघंटा की इस व्रत कथा का पाठ करें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

Updated at : 21 Mar 2026 5:50 AM (IST)
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Maa Chandraghanta’s vrat katha

मां चंद्रघंटा (एआई-निर्मित तस्वीर)

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा के साथ व्रत कथा का पाठ किया जाता है. कहा जाता है कि व्रत कथा के पाठ से मां चंद्रघंटा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं, साथ ही पूजा का फल भी दोगुना हो जाता है.

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Chaitra Navratri 2026: हर साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. 21 मार्च 2026, शनिवार को नवरात्रि का तीसरा दिन है. यह दिन शक्ति के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है. माता की आराधना के समय व्रत कथा का पाठ करना आवश्यक माना जाता है. व्रत कथा के बिना मां की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है. यहां पढ़ें मां चंद्रघंटा की व्रत कथा.

मां चंद्रघंटा की पौराणिक व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब राक्षसों का स्वामी महिषासुर बहुत शक्तिशाली हो गया और उसने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया, तब सभी देवता त्रस्त होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पास पहुंचे. देवताओं की करुण पुकार सुनकर तीनों देवों के क्रोध से एक दिव्य ऊर्जा उत्पन्न हुई, जिससे देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ.

भगवान शिव ने उन्हें अपना त्रिशूल, विष्णु जी ने चक्र और इंद्र ने अपना घंटा भेंट किया. जब देवी महिषासुर का वध करने के लिए युद्ध के मैदान में उतरीं, तो उनके घंटे की भीषण ध्वनि से असुरों का मनोबल टूट गया. मां चंद्रघंटा ने महिषासुर के साथ भीषण युद्ध किया और अंततः उसका वध कर देवताओं को भयमुक्त किया.

मां चंद्रघंटा के मंत्र

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

देवी सर्वभू‍तेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्।
सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥

मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।
खंग, गदा, त्रिशूल,चापशर,पदम कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥

पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर हार केयूर,किंकिणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम॥

प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुगं कुचाम्। 
कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटि नितम्बनीम्॥

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Neha Kumari

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By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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