Chaitra Navratri 2025: इस चैत्र नवरात्रि पूजा में दुर्गासप्तशती के पाठ से बदलें अपना जीवन
Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Mar 2025 12:25 PM
Chaitra Navratri 2025 durga saptashati path (AI Generated Photo)
Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पर्व नजदीक आ रहा है. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान यदि श्रद्धा पूर्वक मां दुर्गा की आराधना की जाए, तो सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.
Chaitra Navratri 2025: दुर्गासप्तशी का पाठ हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह एक ऐसा ग्रन्थ है जो भगवती की कृपा के अद्भुत रहस्यों से भरा हुआ है. जो व्यक्ति इसे ग्रहण करता है, वह धन्य हो जाता है. इसके पाठ के माध्यम से देवी की विभिन्न शक्तियों को प्राप्त करने का साधन मिलता है, और यह कर्म तथा भक्ति के विभिन्न मार्गों को दर्शाने वाला ग्रन्थ है. मार्कण्डेय पुराण में देवी के चमत्कारी रूपों का विस्तृत वर्णन किया गया है.मार्कण्डेय पुराण में देवी भगवती के विभिन्न चमत्कारी रूपों का विस्तृत वर्णन किया गया है.
दुर्गासप्तशती के पाठ के अलग नाम
इस पाठ को शतचंडी, नवचंडी और चंडी पाठ के नाम से भी जाना जाता है. जब कोई व्यक्ति मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्याओं या असाध्य रोगों से ग्रस्त होता है, तब दुर्गा सप्तशती का पाठ अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. इस पाठ के माध्यम से परिवार में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा और उपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है. देवी भगवत पुराण में उल्लेख है कि ऐश्वर्य की इच्छा रखने वाले राजा सुरथ ने अपने अजेय साम्राज्य को प्राप्त किया. इस पाठ को करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है.
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दुर्गासप्तशती के पाठ का महत्व
- दुर्गासप्तशी का पाठ करने वाले व्यक्तियों को अपने मन को एकाग्र करके प्रतिदिन नियमों का पालन करना आवश्यक है. इसमें शुद्ध भोजन करना, लाल वस्त्र पहनना, ललाट पर भस्म या लाल चंदन लगाना और एक समय भोजन करना शामिल है. यदि संभव हो, तो फलाहार करना भी उचित है.
- दुर्गासप्तशी का पाठ आरंभ करने से पहले गणेश जी और अपने कुलदेवता की पूजा करनी चाहिए. यदि कलश की स्थापना की गई है, तो उसका भी पूजन करें. इसके बाद माता को भोग अर्पित करके पाठ की शुरुआत करें.
- पाठ करने वाले को यह ध्यान रखना चाहिए कि पुस्तक को रखते समय दुर्गासप्तशी को लाल कपड़े में लपेटकर केले के पत्ते पर रखा जाए. पाठ आरंभ करने से पहले पुस्तक का पूजन करना आवश्यक है, फिर पाठ की प्रक्रिया शुरू करें.
- दुर्गासप्तशती में कुल 13 अध्याय और 700 श्लोक शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, इसमें कुछ विशेष पाठ भी हैं, जिनका पालन करने से व्यक्ति की जीवन में उपस्थित समस्याएँ दूर होती हैं और सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं.
- यदि आप दुर्गासप्तशती का सम्पूर्ण पाठ नहीं कर सकते, तो आप चरित्र पाठ कर सकते हैं, जो पूरे पाठ का सारांश है. यह पाठ तीन भागों में विभाजित है: प्रथम चरित्र, मध्य चरित्र, और उत्तर चरित्र. यदि आप इन भागों को भी नहीं कर पाते हैं, तो आप केवल अध्याय पाठ कर सकते हैं.
- दुर्गासप्तशती का पाठ करते समय ध्यान रखें कि उच्चारण में सावधानी बरतें, ताकि कोई गलती न हो.
- पाठ आरंभ करने से पहले कवच, अर्गला, और कीलक का पाठ अवश्य करें. पाठ करते समय अधूरा छोड़कर नहीं उठें, क्योंकि इससे पाठ का फल प्राप्त नहीं होता है.
- पाठ समाप्त होने के पश्चात सिद्धिकुंजिका का पाठ करें, फिर नवार्ण मंत्र का जाप करें, उसके बाद पूजन की आरती करें और शंख बजाएं, तथा माता का आशीर्वाद प्राप्त करें.
- पाठ के दौरान यदि कोई भूल या चूक हो जाती है, तो आरती के बाद क्षमा प्रार्थना का पाठ करें और दोनों हाथ जोड़कर माता से निवेदन करें कि मेरे द्वारा किए गए अपराधों को क्षमा करें.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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