ePaper

मकर संक्रांति और एकादशी 2026: 23 साल बाद मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का अद्भुत संयोग, इन गलतियों से बचें, जानें शुभ मुहूर्त

Updated at : 10 Jan 2026 8:25 PM (IST)
विज्ञापन
Makar Sankranti Ekadashi 2026

मकर संक्रांति और एकादशी 2026 इमेज

Makar Sankranti Ekadashi 2026: इस वर्ष मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का अत्यंत शुभ और दुर्लभ ‘महासंयोग’ बन रहा है. धार्मिक मान्यता है कि इस पवित्र योग में की गई पूजा, दान और व्रत कई गुना अधिक फलदायक होते हैं. लेकिन अनजाने में हुई कुछ गलतियों के कारण पुण्यफल प्राप्ति से वंचित रह सकते हैं. आइए जानते हैं, पिछले एक दशक से अधिक समय से कार्यरत ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु से किन गलतियों के कारण प्राप्त होने वाले पुण्य फल नष्ट हो सकते हैं.

विज्ञापन

Makar Sankranti Ekadashi 2026: हर साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है. इस वर्ष यह त्योहार विशेष महत्व रखता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग एक ही दिन बन रहा है. जिसे आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ ‘महासंयोग’ माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस पवित्र योग में की गई पूजा, दान और व्रत कई गुना अधिक फलदायक होते हैं. हालांकि, इस दिन कुछ गलतियां ऐसी भी होती हैं. जो प्राप्त होने वाले पुण्य फल को नष्ट कर सकती हैं. आइए जानते हैं, पिछले एक दशक से अधिक समय से कार्यरत ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु से किन गलतियों के कारण पुण्य फल नष्ट हो जाता है.

इस वर्ष मकर संक्रांति पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का उत्तम दिन है.

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है. जिसे सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं. इसलिए इसे उत्तरायण का आरंभ भी कहा जाता है. मकर संक्रांति आमतौर पर हर साल 14 जनवरी को मनाई जाती है. इसे खिचड़ी, उत्तरायण, पोंगल जैसे अलग-अलग नामों से देशभर में मनाया जाता है. साल 2026 की मकर संक्रांति बहुत ही विशेष है क्योंकि 23 साल बाद इस दिन षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है. मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है. जबकि षटतिला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर है.

क्या रहेगा स्नान-दान का उत्तम समय

  • मकर संक्रान्ति स्नान दान करने का समय: 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार को है.
  • मकर संक्रान्ति पुण्य काल: 14 जनवरी 2026 को शाम 03 बजकर 13 मिनट से 05 बजकर 19 मिनट तक
  • मकर संक्रान्ति अवधि: 02 घण्टे 06 मिनट्स तक
  • मकर संक्रान्ति महा पुण्य काल: 14 जनवरी 2026 को शाम 03 बजकर 59 मिनट से 05 बजकर19 मिनट तक
  • मकर संक्रान्ति अवधि – 01 घण्टा 18 मिनट्स तक

इस दिन भूलकर भी ना करें ये गलतियां

तामसिक भोजन का सेवन न करें

मकर संक्रांति और एकादर्शी का संयोग को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है. ऐसे में इस दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज या अधिक मसालेदार भोजन ना करें. ऐसा करना व्रत और संक्रांति दोनों के पुण्य को कम कर देता है.

बिना स्नान के पूजा करना

इस संयोग में स्नान दान अत्यंत फलदायक माना जाता है. इसलिए इस दिन सूर्योदय से पहले या कम से कम सुबह स्नान करके ही पूजा करें. बिना स्नान पूजा करना अशुभ माना जाता है. अगर आप बिना स्नान के पूजा करतें है तो पुण्य फल से वंचित रह जाते है. कुंडली में ग्रह दोष भी नहीं कटेगा है. जिससे परेशानियों से छुटकारा नहीं मिलेगी.

क्रोध और वाद-विवाद से बचें

एकादशी और संक्रांति के पावन पर्व पर दोनों ही संयम के पर्व हैं. इस दिन क्रोध, कटु वचन और झगड़ा करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. जिससे घर में सुख-समृद्धि का नाश होता है.

मकर संक्रान्ति के दिन देर तक सोना और आलस्य करना

इस शुभ संयोग में देर तक सोना अशुभ माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य देव और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संक्रांति और एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य दोष खत्म होता है. ऐसा न करने पर कुंडली में सूर्य दोष बना रहता है और जीवन कष्टों से भर सकता है.

व्रत रखकर गलत आचरण करना

इस पावन संयोग पर अगर आप व्रत रखते है तो मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें. इस दिन किसी से छल, झूठ या अपमान करने से व्रत का फल नहीं मिलता.

मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व

मकर संक्रांति से खरमास की समाप्ति होती है और इसके बाद शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. इस दिन सूर्य देव की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है. मकर संक्रांति पर किया गया दान कई गुना फल देता है. तिल, गुड़, खिचड़ी, वस्त्र और अन्न का दान बेहद शुभ माना जाता है.

चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +91 8620920581

Also Read:- Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर भूलकर भी न करें ये गलती, वरना जिंदगी…

Also Read:- Saraswati Puja 2026: विद्यार्थियों के लिए सबसे शुभ दिन क्यों मानी जाती है सरस्वती पूजा, जाने शुभ मुहूर्त और उपाय

विज्ञापन
Ranjan Kumar

लेखक के बारे में

By Ranjan Kumar

दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म, दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर्स. वर्तमान में प्रभात खबर में धर्म और राशिफल बीट पर काम कर रहे हैं, जहां गंभीर विषयों को सरल और प्रभावी शैली में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं. राजनीति, सिनेमा और हेल्थ विषयों पर पैनी पकड़. गहरी रिसर्च आधारित लेखन सीखने का प्रयास जारी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola