महाभारत का वो रहस्यमयी योद्धा, जिसे मिला था अमर होने का श्राप
Ashwatthama Story
Ashwatthama Story: गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा महाभारत का एक अद्वितीय चरित्र है, जिसका जन्म भगवान शिव के आशीर्वाद से हुआ था और उसके जन्म के समय से ही उसके सिर पर एक मणि विद्यमान थी. हालांकि, अश्वत्थामा ने एक ऐसी भूल की कि भगवान कृष्ण ने उसे मृत्यु के स्थान पर अमरत्व का श्राप दे दिया. आइए, इस किरदार के बारे में जानते हैं.
Ashwatthama Story: कभी नहीं मरना और अमर रहना की इच्छा हर व्यक्ति में होती है, लेकिन जिसे यह अमरत्व प्राप्त होता है, वही यह बता सकता है कि यह वरदान है या श्राप. हम आज आपको यहां महाभारत के एक ऐसे पात्र के बारे में बताने जा रहे है, जो आज भी जीवित माना जाता है. कई लोगों ने उसे देखने का दावा किया है. यह चर्चा महायोद्धा अश्वत्थामा की है, जिसे भगवान कृष्ण ने ‘अमर होने का श्राप’ दिया था. आइए हम विस्तार से जानते हैं कि अश्वत्थामा कौन है और उसने ऐसा क्या किया कि भगवान कृष्ण ने उसे मृत्यु के स्थान पर अमरत्व का अभिशाप दिया.
अश्वत्थामा कौन थे?
शास्त्रों के अनुसार, अश्वत्थामा गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे. द्रोणाचार्य पांडवों और कौरवों के शिक्षक थे. अपने वचन के प्रति निष्ठा के कारण, उन्होंने महाभारत के युद्ध में कौरवों की ओर से भाग लिया और उनकी सेना के सेनापति बने. अश्वत्थामा ने भी कौरवों की ओर से युद्ध में भाग लिया. महाभारत में अश्वत्थामा और दुर्योधन के बीच गहरी मित्रता थी.
Mole on Nose: नाक पर तिल होने है सौभाग्य की निशानी, यहां जानें क्या बताता है सामुद्रिक शास्त्र
कौरवों और पांडवों का गुरुपुत्र
द्रोणपुत्र अश्वत्थामा को चिरंजीवी के रूप में भी जाना जाता है. द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों को शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण दिया. हस्तिनापुर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाने के लिए, गुरु द्रोणाचार्य ने कौरवों की ओर से युद्ध करने का निर्णय लिया और कौरवों के सेनापति बने. अश्वत्थामा भी इस दौरान दुर्योधन का करीबी मित्र था.
अश्वत्थामा का मस्तक मणि
भगवान शिव की कृपा से अश्वत्थामा के मस्तक पर जन्म से ही एक अद्भुत मणि विद्यमान थी. इस मणि के कारण उसे दैत्य, दानव, अस्त्र-शस्त्र, रोग, देवता, नाग आदि से कोई डर नहीं था. यह मणि उसे भूख, प्यास, थकान और वृद्धावस्था से भी सुरक्षित रखती थी. इस शक्तिशाली दिव्य मणि ने अश्वत्थामा को लगभग अजेय बना दिया था.
अश्वत्थामा को किसने मारा था?
अश्वत्थामा, महाभारत के प्रमुख योद्धाओं में से एक था और उसने कौरवों की ओर से युद्ध किया था. एक अवसर पर, महाभारत युद्ध के दौरान, द्रोणाचार्य और अश्वत्थामा ने पांडवों की सेना पर भारी दबाव डाला. इस स्थिति में भगवान श्री कृष्ण ने एक चाल से द्रोणाचार्य को पराजित किया. श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को निर्देश दिया कि वह सबको यह सूचना दें कि अश्वत्थामा युद्ध में मारा गया. यह सुनकर द्रोणाचार्य गहरे शोक में डूब गए और उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्र त्याग दिए. द्रोणाचार्य को बिना हथियार देख धृष्टद्युम्न, जो द्रौपदी के भाई थे, ने उनका सिर काट दिया. कहा जाता है कि धृष्टद्युम्न का जन्म द्रोणाचार्य को समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ था.
अश्वत्थामा अपने पिता की मृत्यु से अत्यंत क्रोधित हुआ और उसने पांडवों से प्रतिशोध लेने का संकल्प किया. किंतु समय के साथ सभी कौरवों का अंत हो गया. दुर्योधन की मृत्यु के पश्चात महाभारत का युद्ध समाप्त हो गया, जिसके कारण अश्वत्थामा किसी भी पांडव को मारने में असफल रहा.
अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा की हत्या का प्रयास
अश्वत्थामा ने यहां भी रुकने का नाम नहीं लिया और अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा को मारने का प्रयास किया. उत्तरा के गर्भ में अभिमन्यु का पुत्र था. इसके लिए उसने ब्रह्मशिर अस्त्र का उपयोग किया. अश्वत्थामा की योजना थी कि इस प्रकार अर्जुन का वंश समाप्त हो जाए. पांडवों ने अश्वत्थामा के इस घिनौने कृत्य के लिए उसे बंदी बना लिया और क्रोध में उसे मृत्युदंड देने का निर्णय लिया. लेकिन तभी भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि अश्वत्थामा को मृत्यु देने से उसे मुक्ति मिल जाएगी, जबकि उसे इससे भी बड़ा दंड मिलना चाहिए. इसके अलावा, गुरुपुत्र की हत्या करना उचित नहीं है. इस पर पांडवों ने श्रीकृष्ण की सलाह पर उसकी शक्ति का स्रोत, मस्तक मणि, निकाल लिया. साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने उसे अनंतकाल तक धरती पर कोढ़ी बनकर भटकने का श्राप दिया. यही श्राप अश्वत्थामा को अमर बनाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










