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Aja Ekadashi 2025: अजा एकादशी पर करें ये खास उपाय, जीवन से दूर होंगी सभी परेशानियां

Updated at : 18 Aug 2025 8:54 AM (IST)
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Aja Ekadashi 2025 Remedies

Aja Ekadashi 2025 Remedies in Hindi (AI Generated Image)

Aja Ekadashi 2025: अजा एकादशी 2025 का व्रत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में रखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन उपवास और पूजा करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है. जानें व्रत का महत्व, पूजा विधि और वो खास उपाय जो सुख-समृद्धि दिलाते हैं.

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Aja Ekadashi 2025 Remedies: हिंदू पंचांग में प्रत्येक माह आने वाली एकादशी तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है. भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है. शास्त्रों के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति मिलती है.

कब है अजा एकादशी ?

पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 18 अगस्त 2025 की शाम 5:22 बजे से प्रारंभ होकर 19 अगस्त 2025 की दोपहर 3:32 बजे तक रहेगी. अजा एकादशी व्रत का पारण 20 अगस्त 2025 को प्रातः 5:53 मिनट से 8:29 मिनट तक किया जाएगा.

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अजा एकादशी का महत्व

पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि इस व्रत का पालन करने से राजा हरिश्चंद्र को भी अपने संकटों से मुक्ति मिली थी. इसलिए इसे ऐसा व्रत माना जाता है, जो जीवन से दुख, दरिद्रता और बाधाओं को दूर करता है. भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन विशेष पूजा और व्रत करना अत्यंत फलदायी बताया गया है.

अजा एकादशी पर करने योग्य उपाय

  • प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा पीले वस्त्र और पुष्पों से करें.
  • गंगाजल और तुलसी दल से भगवान का अभिषेक करें.
  • व्रत रखने वाले दिनभर सात्त्विक आहार लें और अनाज, लहसुन-प्याज का परहेज करें.
  • भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम या विष्णु स्तुति का पाठ करें.
  • जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें.
  • शाम को तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाकर आरती करें.

लाभ

इन उपायों से जीवन की कठिनाइयां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं. घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. माना जाता है कि अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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