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सूर्य ग्रहण पर कुंभ राशि में 'प्रलयकारी' योग, करियर से लेकर लव लाइफ तक मचेगी खलबली, जानें अपनी राशि का हाल!

Updated at : 27 Jan 2026 10:11 PM (IST)
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Surya Grahan 2026

सूर्य ग्रहण 2026

Surya Grahan 2026: 17 फरवरी 2026 को लगने वाला वर्ष का पहला सूर्यग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में बने दुर्लभ ग्रह संयोगों के कारण अत्यंत प्रभावशाली रहेगा. यह ग्रहण सभी 12 राशियों के प्रेम, करियर और स्वास्थ्य पर गहरे और निर्णायक असर डाल सकता है.

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Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि में 17 फरवरी को लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे. चंद्रमा मकर राशि की यात्रा पूर्ण कर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और ग्रहण का हिस्सा बनेंगे. मंगल मकर राशि में उच्च के रहेंगे. वहीं देवगुरु बृहस्पति मिथुन में और शनि मीन राशि में विराजमान रहेंगे. केतु सूर्य की स्वराशि सिंह में स्थित होकर इस ग्रहण को और भी प्रभावशाली बनाएंगे. कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में होने वाला यह ग्रहण सभी 12 राशियों के लव, करियर और हेल्थ पर गहरा प्रभाव डालेगा.

सूर्य ग्रहण के प्रभाव से मानसिक उत्तेजना बढ़ेगी

मेष राशि (Aries): मेष राशि वालों के लाभ भाव यानि 11वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. कुंभ राशि के बुध-शुक्र के प्रभाव से अचानक धन लाभ होगा और अटकी योजनाएं गति पकड़ेंगी. प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी. पार्टनर के साथ भविष्य की सुख-सुविधाओं पर किया गया निवेश सफल रहेगा. आपकी सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन ग्रहण के प्रभाव से मानसिक उत्तेजना बढ़ेगी. शांत रहने का प्रयास करें.

सूर्य ग्रहण के प्रभाव से नौकरी में बदलाव के योग बनेगा

वृषभ राशि (Taurus): वृषभ राशि वालों के कर्म भाव यानि 10वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण और दशम भाव के शुक्र के कारण नौकरी में बदलाव के योग बनेगा, लेकिन उच्चाधिकारियों से विवाद होने की संभावनाएं बढ़ेगी. कार्यक्षेत्र की व्यस्तता का असर निजी संबंधों पर पड़ेगा. जीवनसाथी को पर्याप्त समय देना रिश्तों में मधुरता लाएगा. वहीं कार्य के दबाव के कारण शारीरिक थकान और पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है.

परिवार और पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद होगी

मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि वालों के भाग्य स्थान यानि 9वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. राशि स्वामी बुध के पीड़ित होने से बनते कार्यों में बाधा आएगी, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णय टाल दें. परिवार और पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. धार्मिक यात्राओं में सावधानी बरतें और कड़वा बोलने से बचें. पिता के स्वास्थ्य और अपनी पाचन शक्ति का ध्यान रखें. मानसिक तनाव के कारण माइग्रेन की शिकायत भी हो सकती है.

गुप्त शत्रुओं से हानि और करियर में रुकावट आएगी

कर्क राशि (Cancer): कर्क राशि वालों के अष्टम भाव यानि 8वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण और स्वराशि के चंद्रमा के पीड़ित होने से गुप्त शत्रुओं से हानि और करियर में रुकावट आ सकती है. रिश्तों में अविश्वास और तनाव बढ़ सकता है. किसी भी तरह की गलतफहमी को बातचीत से तुरंत सुलझाने का प्रयास करें. आकस्मिक चोट और वाहन दुर्घटना के प्रति सतर्क रहें. इस दौरान भारी मानसिक अवसाद या चिंता घेर सकती है.

जीवनसाथी के साथ अनबन की स्थिति बनेगी

सिंह राशि (Leo): सिंह राशि वालों के सप्तम भाव यानि 7वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण के दौरान सिंह राशि के स्वामी सूर्य पर राहु का प्रभाव पड़ने से स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और रिश्तों में उतार-चढ़ाव का सामना आप करेंगे. ग्रहण और लग्न के केतु के प्रभाव से साझेदारी के व्यवसाय में पारदर्शिता रखना अनिवार्य होगा. जीवनसाथी के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. आंखों में इन्फेक्शन या जलन की समस्या होगी.

कानूनी मामलों और सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी

कन्या राशि (Virgo): कन्या राशि वालों के छठे भाव में सूर्य ग्रहण और राशि स्वामी बुध की स्थिति शत्रुओं पर विजय दिलाएगी. कानूनी मामलों और सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी. पार्टनर के साथ मिलकर आप किसी सामाजिक कार्य में योगदान देंगे, जिससे प्रतिष्ठा बढ़ेगी. पुरानी बीमारियों से राहत मिलेगी और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी. ऊर्जा का स्तर ऊंचा बना रहेगा.

लव लाइफ में तनाव बढ़ेगा

तुला राशि (Libra): तुला राशि वालों के पंचम भाव यानि 5वें घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. ग्रहण और राशि स्वामी शुक्र की उपस्थिति से शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा रहेगा, इसलिए सावधानी बरतें. लव लाइफ में किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप से तनाव बढ़ सकता है. संतान के व्यवहार को लेकर चिंता बनी रहेगी. पेट के निचले हिस्से में तकलीफ या गैस की समस्या हो सकती है.

पारिवारिक कलह का असर आपके प्रेम जीवन पर पड़ेगा

वृश्चिक राशि (Scorpio): वृश्चिक राशि वालों के चतुर्थ भाव यानि 4थे घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण और तृतीय भाव के उच्च मंगल के कारण कार्यक्षेत्र में स्थान परिवर्तन या प्रॉपर्टी विवाद की संभावना है. पारिवारिक कलह का असर आपके प्रेम जीवन पर पड़ेगा. माता के साथ संबंधों में संवेदनशीलता बरतें और धैर्य रखें. हृदय रोग या छाती में जकड़न के प्रति सावधान रहें. अत्यधिक चिंता करने से रक्तचाप (BP) बढ़ सकता है.

मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ी तरक्की मिलेगी

धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि वालों के तीसरे भाव में ग्रहण और मिथुन के बृहस्पति के प्रभाव से साहस और पराक्रम बढ़ेगा. मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ी तरक्की मिलेगी. पार्टनर और छोटे भाई-बहनों का भरपूर सहयोग मिलेगा. रिश्तों में नया उत्साह और विश्वास पैदा होगा. स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और आप मानसिक रूप से काफी रिलैक्स महसूस करेंगे. छोटी यात्राएं ऊर्जावान बनाए रखेंगी.

वाणी की कठोरता परिवार में विवाद कराएगी

मकर राशि (Capricorn): मकर राशि वालों के धन भाव (2रे घर) में सूर्य ग्रहण लगेगा. सूर्य ग्रहण और राशि में उच्च के मंगल के कारण संचित धन में कमी आ सकती है, इसलिए आर्थिक लेन-देन में सतर्कता बरतें. वाणी की कठोरता परिवार में विवाद करा सकती है. पार्टनर के प्रति अपना व्यवहार कोमल रखें ताकि प्रेम बना रहे. आंखों और दांतों से संबंधित कष्ट हो सकता है. ग्रहण के दौरान मोबाइल का प्रयोग कम से कम करें.

कार्यक्षेत्र में भ्रम और गलत फैसलों से बड़ी हानि होगी

कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के प्रथम भाव यानि 1ले घर में सूर्य ग्रहण लगेगा. प्रथम भाव में ग्रहण और पंचग्रही योग के कारण कार्यक्षेत्र में भ्रम और गलत फैसलों से बड़ी हानि होगी. स्वभाव में चिड़चिड़ापन और क्रोध पार्टनर के साथ दूरी पैदा करेगा. आपसी विश्वास की नींव कमजोर होगी, इसलिए मौन रहें. सिरदर्द, चक्कर आना और मानसिक अस्थिरता परेशान करेगी.

सूर्य ग्रहण और लग्न के शनि के कारण व्यर्थ के खर्च बढ़ेंगे

मीन राशि (Pisces): मीन राशि वालों के द्वादश भाव यानि 12वें घर में ग्रहण और लग्न के शनि के कारण व्यर्थ के खर्च बढ़ेंगे. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. पार्टनर के साथ किसी लंबी यात्रा पर जा सकते हैं. लेकिन यात्रा के दौरान आपसी बहस से रिश्तों में कड़वाहट आएगी. पैरों में सूजन, अस्पताल के चक्कर या अनिद्रा की समस्या आपको परेशान करेगी.

ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

  • ग्रहण काल के दौरान “ॐ नमः शिवाय” या अपने इष्ट देव के मंत्रों का जाप करें.
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद काले तिल, कंबल या सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज) का दान करें.
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों (चाकू, कैंची) का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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