Rahu Upay: राहु खराब होने से बर्बाद हो जाती है जिंदगी, जानिए सही करने के उपाय

Rahu Upay: अगर कुंडली में राहु अशुभ स्थिति में हो, तो यह हमेशा अशुभ परिणाम देता है, हालांकि यदि यह ग्रह कुंडली में अच्छी स्थिति में हो, तो यह भी शुभ परिणाम प्रदान कर सकता है.
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कुंडली में राहु के अशुभ स्थान पर होने पर कई अशुभ घटनाएं हो सकती हैं
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राहु अशुभ प्रभाव दिखा रहा है, तो इसको शांत करने का प्रयास करना जरूरी है
Rahu Upay: ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक कठिन ग्रह माना गया है, कुंडली में राहु दोष होने पर व्यक्ति को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.राहु को विशेष रूप से कष्टकारी ग्रह माना गया है, और इसका प्रभाव कुंडली के विभिन्न भावों में विभिन्न तरीकों से महसूस होता है.अगर कुंडली में राहु अशुभ स्थिति में हो, तो यह हमेशा अशुभ परिणाम देता है, हालांकि यदि यह ग्रह कुंडली में अच्छी स्थिति में हो, तो यह भी शुभ परिणाम प्रदान कर सकता है.
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अशुभ राहु के लक्षण
कुंडली में राहु के अशुभ स्थान पर होने पर कई अशुभ घटनाएं हो सकती हैंकुंडली में राहु के अशुभ स्थान पर होने पर कई अशुभ घटनाएं हो सकती हैं, और इसके प्रभाव से व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.जब राहु वाणी पर प्रभाव डालता है, तो लोग अक्सर झूठ बोलने लगते हैं.सोते समय ठीक से नींद नहीं आती है और डरावने सपने आ सकते हैं, इसके अलावा शारीरिक कमजोरी की भावना हो सकती है.अगर राहु अशुभ प्रभाव दिखा रहा है, तो इसको शांत करने का प्रयास करना जरूरी है.
राहु दोष दूर करने के उपाय
वैदिक ज्योतिष में राहु दोष को दूर करने के बहुत सारे सरल उपाय दिए गए हैं.जिन लोगों के पास राहु कमजोर है, उन्हें हमेशा चांदी के सिक्के को अपने पास रखना चाहिए.गंगा में स्नान करने से भी राहु के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है.काला कुत्ता पालने और उसे खिलाने के द्वारा भी राहु का प्रभाव कम किया जा सकता है.
कुंडली में राहु की स्थिति सुधारने के लिए हर सोमवार और शनिवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और काला तिल अर्पित करना चाहिए.सुबह स्नान करने के बाद ‘ऊँ रां राहवे नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पानी में कुश डालकर नहाने से भी कुंडली से राहु दोष कम होता है.राहु ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए बुधवार के दिन नागरमोथा की जड़ को राहु के नक्षत्र के दौरान धारण करें.
राहु के अशुभ प्रभाव से परेशान हैं तो सच्चे मन से शिवजी की आराधना करें.सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं और राहु का नकारात्मक प्रभाव कम पड़ता है.राहु की महादशा से परेशान जातक को शिव साहित्य, शिवपुराण आदि का पाठ करना चाहिए, और राहु दोष निवारण के लिए 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभदायक होता है.
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष , वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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