Ukraine Russia Crisis: यूक्रेन में फंसे झारखंडियों तक कैसे पहुंच रही है मदद, प्रभावितों का क्या है दर्द

Updated at : 01 Mar 2022 3:54 PM (IST)
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Ukraine Russia Crisis: यूक्रेन में फंसे झारखंडियों तक कैसे पहुंच रही है मदद, प्रभावितों का क्या है दर्द

Ukraine Russia Crisis: कंट्रोल रूम की संचालिका शिखा लकड़ा और काउंसेलर रजनी ने बताया कि यूक्रेन में फंसे झारखंड के छात्र-छात्राओं के फोन आते ही उनकी समस्याओं को सुन कर झारखंड सरकार को सूचना पहुंचा रहा है और समाधान करने व वापस लाने का प्रयास भी कर रहा है.

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Ukraine Russia Crisis: यूक्रेन में फंसे झारखंडवासियों की मदद के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर कंट्रोल रूम कार्य कर रहा है. रांची के डोरंडा श्रम भवन में संचालित इस कंट्रोल रूम में 12 लोग दिनभर फोन पर जुटे हैं. रात में व्हाट्सएप नंबर की सुविधा भी दी गयी है. 26 फरवरी से शुरू हुए कंट्रोल रूम में तीन दिनों में यूक्रेन-रूस संकट में फंसे 158 प्रभावितों का पता चल सका है. इनमें 103 पुरुष व 55 महिलाएं शामिल हैं. प्रभावितों की जानकारी मिलते ही कंट्रोल रूम उन्हें मदद पहुंचाने में जुट जाता है.

यूक्रेन में फंसे लोगों की कंट्रोल रूम से मदद

झारखंड राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष कंट्रोल रूम की संचालिका शिखा लकड़ा और काउंसेलर रजनी ने बताया कि कंट्रोल रूम लगातार यूक्रेन में फंसे झारखंड के छात्र-छात्राओं के फोन मिलते ही सीधे उनकी समस्याओं को सुन कर झारखंड सरकार को सूचना पहुंचा रहा है और समाधान करने और वापस लाने का प्रयास भी कर रहा है. झारखंड सरकार के झारखंड भवन (दिल्ली) से छात्र-छात्राओं की सूची उपलब्ध करायी जा रही है. झारखंड भवन (दिल्ली) के सीइओ और पदाधिकारी आर खलखो सारी सूचनाएं कंट्रोल रूम को उपलब्ध करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अबतक चार लोग आ चुके हैं.

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बंकर में गुजर रही है रात

सोमवार को कंट्रोल रूम में रांची की अर्लीन शेरोन मिंज ने फोन कर बताया कि बंकर में रात गुजर रही है. रूस बॉर्डर से 50 किमी दूर खारकीव में वह बंकर में छिपी हुई है. लगातार बमबारी की आवाज आती रहती है. डर भी लगता है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही हम अपने घर में रहेंगे. उसके साथ ही अंजना तिग्गा भी फंसी हुई हैं. संचालिका शिखा बताती हैं कि जैसे ही सूचना आती है, वे पहले प्रभावितों से संपर्क करती हैं. फिर दिल्ली स्थिति झारखंड भवन को भी सूचना दी जाती है. वहां से विदेश मंत्रालय से संपर्क किया जाता है. कंट्रोल रूम लगातार प्रयासरत है कि तत्काल प्रभावितों तक मदद पहुंचे और वे सुरक्षित घर वापस लौट सकें. सोमवार को कुल 20 प्रभावितों से बात हुई है. उन्हें कंट्रोल रूम द्वारा भरोसा दिलाया गया है कि मदद जल्द पहुंचेगी.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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