संसद रत्न पुरस्कार 2022: जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो सहित 11 MP चयनित, कामकाज के आधार पर हुआ चयन

Updated at : 23 Feb 2022 5:49 PM (IST)
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संसद रत्न पुरस्कार 2022: जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो सहित 11 MP चयनित, कामकाज के आधार पर हुआ चयन

jharkhand news: जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो सहित 11 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार 2022 के लिए चयनित किया गया है. इसके तहत लोकसभा के 8 और राज्यसभा के 3 सांसदों को चयनित किया गया है. इन सांसदों का चयन कामकाज के आधार पर हुआ है.

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Jharkhand news: जमशेदपुर से भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो सहित 11 सांसदों को संसद रत्न पुरस्कार, 2022 के लिए चयनित किया गया है. इसमें लोकसभा के 8 और राज्यसभा के 3 सांसद शामिल हैं. प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन ने इन सांसदों का चयन किया है.

सांसद विद्युत वरण महतो का दूसरा कार्यकाल

भाजपा सांसद विद्युत वरण महतो का वर्तमान में दूसरा कार्यकाल है. इसके पहले 16वीं लोकसभा चुनाव में वर्ष 2014 में पहली बार जमशेदपुर सीट से सांसद बने थे. सांसद श्री महतो इससे पूर्व पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं.

उत्कृृष्ट सांसद का मिल चुका है पुरस्कार

लोकसभा में सबसे अधिक सवाल पूछने के मामले में जमशेदपुर सांसद श्री महतो 7वें नंबर पर रहें. शीर्ष 9 सांसदों में से सांसद श्री महतो सातवें नंबर पर रहे. इसके अलावा अपने संसदीय क्षेत्र में बेहतर विकास कार्यों के लिए उत्कृष्ट श्रेणी के पुरस्कार के तौर पर चयनित हुआ है. संसद में सबसे अधिक सवाल पूछने के साथ-साथ जमशेदपुर सांसद श्री महतो संसद में शत-प्रतिशत उपस्थित रहे हैं.

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कामकाज के आधार पर हुआ चयन

प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के संस्थापक प्रमुख के श्रीनिवास के मुताबिक, पिछले साल शुरू हुए शीतकालीन सत्र से लेकर वर्तमान लोकसभा के सत्र के दौरान कामकाज के आधार पर इन सांसदों को इस पुरस्कार के लिए सूचीबद्ध किया गया है. इसके तहत जूरी समिति ने तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता एचवी हांडे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली को आजीवन पुरस्कार के लिए नामित किया है, जबकि 4 संसदीय स्थायी समितियों जैसे- कृषि, वित्त, शिक्षा और श्रम को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा.

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर शुरू हुआ पुरस्कार

मालूम हो कि संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सुझावों के आधार पर हुई है. पूर्व राष्ट्रपति का सुझाव था कि संसद में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सम्मानित किया जाये. इसी सुझाव के आधार पर संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत की गयी है.

2010 में शुरू हुआ पुरस्कार

इस संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्षता संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सह अध्यक्षता पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एस कृष्णमूर्ति ने की. बता दें कि 2010 से शुरू हुई यह एक निजी पुरस्कार है. अब तक करीब 75 सांसदों को इस पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.

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Posted By: Samir Ranjan.

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