ePaper

हेमंत सोरेन के एससी-एसटी मामले में आरोपी ईडी के अधिकारियों को हाईकोर्ट से राहत बरकरार, चार हफ्ते बाद अगली सुनवाई

5 Mar, 2025 5:40 am
विज्ञापन
Jharkhand High Court

Jharkhand High Court

Jharkhand High Court: हेमंत सोरेन के एससी-एसटी मामले में आरोपी ईडी के अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट से राहत बरकरार है. अदालत ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई करने पर पूर्व में लगायी गयी रोक (अंतरिम आदेश) को बरकरार रखा.

विज्ञापन

Jharkhand High Court: रांची-झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एससी-एसटी केस को चुनौती देनेवाली क्रिमिनल क्वैशिंग याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान पक्ष सुनने के बाद अदालत ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई करने पर पूर्व में लगायी गयी रोक (अंतरिम आदेश) को बरकरार रखा. इसके साथ ही मामले में राज्य सरकार को जवाब दायर करने के लिए समय दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने चार सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पैरवी की, वहीं ईडी की ओर से अधिवक्ता एके दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पैरवी की.

प्राथमिकी को निरस्त करने का किया गया है आग्रह


प्रार्थी ईडी के अपर निदेशक कपिल राज और अन्य की ओर से क्रिमिनल क्वैशिंग याचिका दायर कर एससी-एसटी थाना में दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गयी है. प्रार्थियों ने प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह किया है. तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 31 जनवरी 2024 को ईडी की पूछताछ के दौरान एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी (06/2024) दर्ज करायी गयी थी. इसमें ईडी के अपर निदेशक कपिल राज, सहायक निदेशक देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल व अन्य को आरोपी बनाया गया है.

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: Magadha Empire : बिम्बिसार ने अपनी सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से मगध को किया सशक्त, ऐसे हुआ पतन

तलाशी अभियान चलाकर प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप


प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली स्थित उनके आवास पर ईडी ने तलाशी ली थी. तलाशी अभियान उन्हें और उनके समुदाय को बदनाम करने के इरादे से चलाया गया. अधिकारियों ने मीडिया में इसकी जानकारी लीक की, ताकि जनता के बीच उनकी प्रतष्ठिा धूमिल हो जाए.

पढ़ें प्रभात खबर की प्रीमियम स्टोरी: Vantara: वनतारा के जंगल में दुर्लभ जंगली जानवरों का आशियाना

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें