क्रिकेट की भाषा में स्थानीय नीति और नियोजन नीति पर सीएम हेमंत सोरेन ने दिया जवाब, जानें क्या कहा

झारखंड विधानसभा में सीएम हेमंत सोरेन ने स्थानीय नीति और नियोजन नीति पर जवाब दिया है, उन्होंने कहा कि ये हमारे ऐजेंडे में है. लेकिन खतियान के आधार पर कभी नियोजन नीति नहीं बनेगी
रांची : विधानसभा में मंत्रिमंडल सचिवालय व निगरानी विभाग की अनुदान मांग पर सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत ही भूमि का अधिग्रहण किया जायेगा. किसी दूसरे कानून के तहत भूमि अधिग्रहण नहीं होगा. उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में केंद्र में यूपीए की सरकार थी, उसी समय यह कानून बना था.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के रास्ते पर चलते तो आज एक भी झारखंडी को नौकरी नहीं मिलती. खतियान के आधार पर कभी नियोजन नीति नहीं बन सकती है. अगर बना तो कोर्ट खारिज कर देगा. यह नीति कैसे बनेगी, यह मुझे पता है. यह जनभावना के अनुरूप बनेगी.
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि 1932 की भावना का हम सम्मान करते हैं. स्थानीय नीति और नियोजन नीति हमारे एजेंडे में हैं. अभी बैटिंग हम कर रहे हैं. किस बॉल में चौक और छक्का मारेंगे, यह हम तय करेंगे. विपक्ष लोगों को दिग्भ्रमित कर रहा है. सड़कों पर लोगों को उतारकर उतावला करना चाहता है, ताकि हम गलती कर दें. झारखंडी लोग काफी संवेदनशील हैं. 85 का नारा देनेवाले भाजपा के लोग अब 1932 पर आ गये हैं. उनको समझ में आने लगा है कि झारखंड में झारखडियों के अनुरूप ही चलना होगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में कहा कि हम नियुक्ति नियमावली बना रहे हैं. मैंने पांच लाख लोगों को नौकरी नहीं, रोजगार देने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि विपक्ष एम्स बनाने की बात कह रहा है. वहां क्या बना है सिर्फ ओपीडी. वहां भी नियुक्ति बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों की हुई है. स्थानीय लोगों को क्या मिला है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक माह के अंदर 20 हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. 7267 पदों की अधियाचना विभाग को भेज दी गयी है. 2898 पदों का विज्ञापन भी प्रकाशित हो गया है. मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के बाद भाजपा के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया. इसके बाद सदन ने 59 करोड़ 38 लाख 47 हजार का अनुदान मांग पारित कर दिया.
मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि यहां की सरकार मजबूत है. यहां भी मिशन चल रहा है. सरकार को अस्थिर करने की साजिश चल रही है. उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने के बाद गुरूर है. इसे जनता तोड़ देगी. विपक्ष फूट डालो शासन करो की नीति पर काम करना चाहती है.
मुख्यमंत्री का पूरा भाषण सुनने के बाद भाजपा के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया. इसके बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने 59 करोड़ 38 लाख 47 हजार की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित कर दी. सदन ने विनियोग विधेयक को भी मंजूरी दे दी.
Posted By: Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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