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ऑरेंज जोन में 21 दिनों तक नहीं मिले नये कोरोना पॉजिटिव तो उसे ग्रीन जोन में डाला जायेगा : झारखंड सरकार

Updated at : 30 Apr 2020 8:22 PM (IST)
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ऑरेंज जोन में 21 दिनों तक नहीं मिले नये कोरोना पॉजिटिव तो उसे ग्रीन जोन में डाला जायेगा : झारखंड सरकार

स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों के रेड, ऑरेंज एवं ग्रीन जोन जारी किये गये हैं. झारखंड में रांची को रेड जोन में रखा गया है, वहीं नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है. इसके साथ ही बाकी सारे जिले ग्रीन जोन में हैं. केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले जो ऑरेंज जोन में हैं, यदि वहां 21 दिनों तक कोई भी नया कोरोना पॉजिटिव नहीं मिलता है तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जायेगा. श्री कुलकर्णी ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल के साथ प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बात करते हुए उक्त बातें कहीं.

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रांची : स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों के रेड, ऑरेंज एवं ग्रीन जोन जारी किये गये हैं. झारखंड में रांची को रेड जोन में रखा गया है, वहीं नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है. इसके साथ ही बाकी सारे जिले ग्रीन जोन में हैं. केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले जो ऑरेंज जोन में हैं, यदि वहां 21 दिनों तक कोई भी नया कोरोना पॉजिटिव नहीं मिलता है तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जायेगा. श्री कुलकर्णी ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल के साथ प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बात करते हुए उक्त बातें कहीं.

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कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से कराया जा रहा पालन

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य में अभी कुल 33 कंटेनमेंट जोन निर्धारित किये गये हैं, जिसमें से 15 रांची में है. इन कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है. इन जगहों से न किसी को बाहर जाने और न ही किसी को अंदर आने की अनुमति दी जा रही है. उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि राज्य में फेस मास्क, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. इसे प्रत्येक जिला में भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है. साथ ही इनका केंद्र में भी स्टॉक रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित को उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के जांच हेतु चार जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं. राज्य के तीन मेडिकल संस्थानों में भी कोविड-19 की जांच के लिए लैबोरेट्री का निर्माण कराया जा रहा है, जो जल्द ही तैयार हो जायेगा. इसके साथ ही आईसीएमआर द्वारा कुछ प्राइवेट जांच घरों को अनुमति देने का काम किया जा रहा है. जहां वैसे लोग जो अपना खुद से टेस्ट करवाना चाहते हैं वह टेस्ट करवा सकते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में अभी कोरोना के 84 एक्टिव केस हैं, राज्य का डेथ रेट 2.80 प्रतिशत है. मरीजों की सही से देख भाल हो सके इसके लिए राज्य में अभी 206 वेंटिलेटर बेड भी उपलब्ध हैं.

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झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की हो रही है व्यवस्था

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गये मापदंडों के अनुरूप ही उनके आवागमन के लिए तैयारी की जा रही है. केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अन्य राज्यों द्वारा भी यह कहा गया है कि जो लोग दूर के राज्यों में फंसे हैं उनको राज्य में वापस लाने में बस की सुविधा पर्याप्त नहीं होगी. इसके लिए राज्य सरकारों ने कुछ स्पेशल ट्रेन चलाने की बात केंद्र सरकार से की है. लेकिन जो राज्य झारखंड के सटे हैं जहां से बसों से आवागमन की सुविधा की जा सकती है. वहां के लिए राज्य सरकार तैयारियां कर रही है.

इसके लिए विभाग द्वारा आज से ही बसें भेजने की तैयारी की जा रही हैं. राज्य सरकारें आपस में समन्वय कर रही हैं कि उनके राज्य के वैसे लोग जो झारखंड में फंसे हैं, झारखंड से जाने वाली बसें उन्हें लेकर जायेंगी तथा वहां से झारखंड के वैसे लोगों को वापस लाने का कार्य करेंगी जो उस राज्य में फंसे हैं. उन्होंने बताया कि इसके बाद वापस आने वाले लोगों की सबसे पहले स्क्रीनिंग की जायेगी और आवश्यकता अनुसार होम क्वॉरेंटाइन या क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जायेगा. अपना क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद ही वे घर जा सकेंगे अथवा सामान्य रूप से रह पायेंगे.

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AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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