Jharkhand: बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने जमकर लगायी अधिकारियों की क्लास, दे डाली गांव में रहने की चुनौती

आयोग ने कहा कि बिजली कटौती होती है, तो उपभोक्ता मुआवजा के हकदार हैं. विद्युत वितरण कंपनियां यदि बिना सूचना के बिजली काटती है, तो उन्हें मुआवजा देना होगा.
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा गठित विद्युत सलाहकार समिति की बैठक में उपभोक्ताओं ने बिजली कटौती की बात उठायी. इस मौके पर समिति की सदस्य सिलागांई की हेमलता उरांव ने बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को गांव में दो दिन बिताने की चुनौती दी. उनकी शिकायत थी कि गांव में छह घंटे से ज्यादा बिजली नहीं रहती. उन्होंने कहा कि एक बार ट्रांसफारमर खराब हो जाये तो तीन से चार दिन तक बिजली कटी रह जाती है. इस पर आयोग ने कहा कि यदि ऐसी बात है तो वे मुआवजा के लिए रिड्रेसल फोरम में अपील करें.
इस अवसर पर आयोग ने कहा कि बिजली कटौती होती है, तो उपभोक्ता मुआवजा के हकदार हैं. विद्युत वितरण कंपनियां यदि बिना सूचना के बिजली काटती है, तो उन्हें उपभोक्ताओं को मुआवजा देना होगा. 19 सदस्यीय छठी सलाहकार समिति का गठन 26 दिसंबर 2022 को हुआ था. इसके बाद यह पहली बैठक हुई.
बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने की. सदस्य अतुल कुमार व महेंद्र प्रसाद भी शामिल थे. वहीं जेबीवीएनएल की ओर से निदेशक केके वर्मा, ऋषि नंदन समेत जेसिया के सचिव अंजय पचेरीवाल, डीवीसी, टाटा स्टील, सेल के अधिकारी और अन्य लोग उपस्थित थे.
झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अंजय पचेरीवाल ने कहा कि बिजली की स्थित यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में एक महीने में 150 घंटे तक बिजली नहीं रहती है. ऐसे में उद्योग बंद हो रहे हैं. खूंटी में एक लाह का उद्योग निर्यात का काम करती है पर वहां बिजली न रहने से उद्योग बंद करने की सोच रहे हैं.
इस अवसर पर कहा गया कि दो साल से सोलर पावर के लिए नेट मीटरिंग का काम नहीं हो सका है. जेबीवीएनएल द्वारा कहा गया कि सॉफ्टवेयर नहीं बना था. दो से तीन माह में आरंभ हो जायेगा. बैठक में डीवीसी द्वारा कहा गया कि डीवीसी अबतक 33 केवी के उपभोक्ताओं को ही कनेक्शन देता था पर अब 11 केवी व इससे नीचे के उपभोक्ताओं को भी कनेक्शन देने का प्रावधान किया जा रहा है.
सिक्यूरिटी डिपॉजिट से ही पहला रिचार्ज होगा निगम की ओर से बताया गया कि प्रीपेड मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को पहला रिचार्ज उनके द्वारा जमा की गयी सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि से होगा. बैठक में कहा गया कि उपभोक्ता द्वारा ली गयी सिक्योरिटी डिपॉजिट पर प्रतिवर्ष ब्याज देना है. पर निगम नहीं दे रहा है. निगम द्वारा कहा गया कि हाल में एचटी उपभोक्ताओं को 19 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान किया गया है.
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