झारखंड नियोजन नीति पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन में रखेंगे अपनी बात, तीन दिनों से चल रहा गतिरोध खत्म

गुरुवार को विधानसभा में कार्यमंत्रणा की बैठक हुई. इसमें पक्ष-विपक्ष के बीच सहमति बनी. सत्ता पक्ष तैयार हुआ कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चलते सत्र में अपनी बात रखेंगे.
कैबिनेट से पारित 2016 से पूर्व की नियोजन नीति के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी बातें रखेंगे. वह सरकार का पक्ष सदन को बतायेंगे. होली अवकाश के बाद सदन में पिछले तीन दिनों से इसको लेकर गतिरोध बना हुआ था. विपक्षी भाजपा और आजसू के विधायक इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सदन में वक्तव्य देने की मांग पर अड़े थे. भाजपा विधायक 60-40 नाय चलतो का केसरिया टी-शर्ट पहन कर सदन पहुंच रहे थे. बुधवार को स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने टी-शर्ट ना पहनने का नियमन दिया, फिर भी बात नहीं बनी. विपक्षी विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे. गुरुवार को विधानसभा में कार्यमंत्रणा की बैठक हुई. इसमें पक्ष-विपक्ष के बीच सहमति बनी. सत्ता पक्ष तैयार हुआ कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चलते सत्र में अपनी बात रखेंगे.
वहीं, विपक्ष के सदस्य गतिरोध दूर करने के लिए तैयार हुए़ कार्यमंत्रणा की बैठक में स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, मंत्री चंपई सोरेन, डॉ रामेश्वर उरांव, सत्यानंद भोक्ता, विधायक स्टीफन मरांडी, नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रदीप यादव, डॉ सरफराज अहमद, सुदेश कुमार महतो, सीपी सिंह, रामचंद्र चंद्रवंशी, सरयू राय, विनोद सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल हुए. इधर गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा व आजसू के विधायक वेल में घुस गये. सभी 1932 की भैलो, 60-40 नाय चलतो, मुख्यमंत्री कहां गेलो का नारा लगा रहे थे. हो-हल्ला के बीच स्पीकर प्रश्नकाल चला रहे थे. विधायक विनोद सिंह, प्रदीप यादव व सरयू राय के सवाल शोर-शराबे के बीच हुए. स्पीकर ने 26 मिनट की कार्यवाही के बाद 12 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया. सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू हुई, तो भी शोर-शराबा खत्म नहीं हुआ.
सदन में विपक्षी विधायक सरकार से पक्ष दिलाने की मांग कर रहे थे. गुरुवार को स्पीकर श्री महतो ने विपक्षी विधायकों से एक बार भी अपनी सीट पर जाने का आग्रह नहीं किया. उन्होंने एक बार भी शांत होने के लिए नहीं कहा. भाजपा विधायक जोर-जोर से नारेबाजी करते रहे और स्पीकर प्रश्नकाल की कार्यवाही चलाते रहे. विपक्षी विधायकों ने कहा कि सरकार से जवाब दिला दीजिए. स्पीकर ने कहा : हमने नियमन दिया था, आप लोग सुन नहीं रहे हैं. आदेश पारित हुआ, आप नहीं मान रहे हैं, तो अब आसन से क्यूं मांग कर रहे हैं.
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने सदन में बताया कि एक महीने के अंदर वक्फ बोर्ड व अल्पसंख्यक वित्त निगम का गठन कर लिया जायेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. माले विधायक ने अल्पसूचित के तहत मामला उठाते हुए कहा कि 15 सूत्री राज्य व जिला समिति, वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक वित्त का गठन कब तक करेंगे. मंत्री ने कहा कि 15 सूत्री का जिला व राज्य कमेटी गठित कर लिया गया है़ इस पर विधायक श्री सिंह का कहना था कि कब तक करेंगे.
सदन में कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रवर्तन निदेशालय (इडी) व सीबीआइ की कार्रवाई पर सवाल उठाया. विधायक जेपी पटेल की ओर से यह कहने पर कि लूटेंगे तो इडी व सीबीआइ पहुंचेगा ही. इस पर शिल्पी ने कहा कि सीबीआइ में आय से अधिक छह लाख की संपत्ति होने पर उनके पिता (बंधु तिर्की) की सदस्यता चली गयी. वहीं इसी सदन में करोड़ों रुपये के आरोपी विधायक बैठे हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. भाजपा में आते ही भ्रष्टाचारी निरमा व सर्फ से धुल जाते हैं.
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By Prabhat Khabar News Desk
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