CM Hemant Soren: 'नंबर हमारे साथ है तो दिक्कत कहां है', सरकार की सेहत को लेकर पक्ष आश्वस्त

11 बजे से यूपीए विधायक दल की बैठक होगी. बैठक में राज्यपाल 'बंद लिफाफे का राज' खोलेंगे, तभी सीएम हेमंत सोरेन की सदस्यता पर फैसला हो सकेगा. वहीं, गुरूवार के दिन सीएम आवास में मंत्रियों और विधायकों का गहमागमी का मोहौल देखा गया था.
Ranchi news: गुरूवार को 11 बजे जैसे ही यह खबर फैली कि चुनाव आयोग ने अपनी अनुशंसा राज्यपाल को भेज दी है. इसके बाद सीएम आवास में गहमागहमी शुरू हो गयी. मंत्री मिथिलेश ठाकुर सबसे पहले पहुंचे. फिर आलमगीर आलम. इसके बाद तो सिलसिला चलता रहा. बीच में महाधिवक्ता राजीव रंजन भी पहुंचे. सीएम ने उनसे इस मुद्दे पर कानूनी पहलु को समझा. फिर मंत्रियों व विधायकों से इस मुद्दे पर चर्चा हुई. मंत्रियों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि एक सांसद पत्र भेजे जाने के पहले ही कैसे यह खुलासा कर दिया कि हेमंत सोरेन की सदस्यता चली गयी. जबकि चुनाव आयोग ने पत्र राज्यपाल के पास सीलबंद लिफाफे में भेजा है. अब तक राज्यपाल ने स्पष्ट नहीं किया है कि क्या अनुशंसा आयी है.
अन्य विकल्प पर चर्चा करने की जरूरत नहीं
इसी दौरान गुरूवार को तीन बजे के करीब पुलिस मेंस एसोसिएशन के लोग पहुंचे. वे ढोल-नगाड़े के साथ पहुंचे थे. हाथो में अबीर-गुलाल लिये हुए सीएम आवास के अंदर पहुंचे. तब सीएम उनसे मिलने आये. शाम पांच बजे के करीब एक-एक कर मंत्री, विधायक व सांसद निकलने लगे. वहीं, मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने रहेंगे और किसी अन्य विकल्प पर चर्चा करने की जरूरत नहीं है.
महागंठबंधन की रहेगी सरकार
झामुमो नेता स्टीफन मरांडी ने कहा अभी तक निर्वाचन आयोग के फैसले की कोई अधिकृत जानकारी नहीं है. अगर जो खबरें आ रही हैं वह सही है, तब भी रहेगी महागठबंधन की सरकार. एक सवाल पर कहा कि गुरुजी भी सीएम हो सकते हैं. श्री मरांडी ने कहा कि राज्य में कोई सियासी समस्या नहीं है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार अपना काम करती रहेगी, उन्होंने कहा कि कोई सेकंड या थर्ड प्लान नहीं बना है. क्योंकि इसकी जरूरत ही नहीं है. जब राजभवन से जानकारी मिलेगी, तब फैसला लिया जायेगा.
नंबर हमारे साथ है तो दिक्कत कहां है
झामुमो नेता विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा पर्दे के पीछे से खेलती है. जबकि झामुमो फ्रंट पर खेलता है. जब से राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार बनी है, तब से उसे अस्थिर करने की कोशिश हो रही है. नंबर हमारे साथ है तो दिक्कत कहां है. किसी भी मंत्री विधायक को मुख्यमंत्री आवास नहीं बुलाया गया है, परंतु जिसे मीडिया से जानकारी मिल रही है वह पहुंच रहे हैं. राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हम लोगों ने बैठकर वर्तमान परिस्थिति पर बात की है. लेकिन सवाल यह है कि जो सीलबंद रिपोर्ट राजभवन को मिली. वह भाजपा नेताओं के पास पहले कैसे पहुंच गयी.
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