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आयुष्मान योजना से कैंसर के मरीजों का इलाज बंद होने की आशंका, दूसरी बीमारियों का इलाज भी हुआ प्रभावित

Updated at : 27 Jul 2022 11:28 AM (IST)
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आयुष्मान योजना से कैंसर के मरीजों का इलाज बंद होने की आशंका, दूसरी बीमारियों का इलाज भी हुआ प्रभावित

आयुष्मान योजना के तहत भुगतान में देरी से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. कुछ अस्पतालों ने योजना के तहत मरीजों का इलाज बंद किया है. वहीं, दूसरी बीमारियों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है.

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Jharkhand News: आयुष्मान योजना के तहत मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में कैंसर के मरीजों का इलाज बंद होने का खतरा पैदा हो गया है.यह स्थिति भुगतान में अत्यधिक देरी होने की वजह से पैदा हुई है, जबकि टाटा ट्रस्ट सामाजिक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार को हर साल 25 करोड़ रुपये देता है , भुगतान में देरी के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में योजना के तहत दूसरे मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है

सीएम योजना में नियमित भुगतान, पर आयुष्मान में नहीं

मेहरबाई टाटा मेमोरियल अस्पताल में प्रति दिन मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी और आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 50 कैंसर के मरीज का रजिस्ट्रेशन होता है. इनमें से 22 -25 मरीजों का रजिस्ट्रेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत और इतने ही मरीज़ का रजिस्ट्रेशन मुख्यमंत्री गंभीर बीमार योजना के तहत होता है.

अस्पतालों की बढ़ी परेशानी

बकाया का बोझ बढ़ने से अस्पताल से परेशानी होती है. कैंसर के मरीजों को इलाज के बगैर ही लौटा देना अमानवीय है. इसलिए बकाया बढ़ने के बावजूद उनका इलाज किया जा रहा है. लेकिन, एेसे बहुत दिनों तक नहीं चल सकता है. अस्पताल में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वर्ष 2020 में 10,535 कैंसर के नये मरीज आये थे. वर्ष 2021 में यह बढ़कर 16,752 हो गया था.

दूसरी बीमारियों का इलाज भी हुआ प्रभावित

आयुषमान के तहत समय पर भुगतान नहीं होने से योजना के तहत दूसरी बीमारियों का भी इलाज प्रभावित हुआ है. पारस अस्पताल (जामताड़ा) के राकेश चौबे ने योजना के तहत इलाज बंद दिए जाने की बात कही. उनका कहना है कि इलाज मद का 20 लाख रुपये बकाया है. दवा सहित अन्य सामग्रियां अधिकतम एक महीने के महीने के उधार पर मिलती है. ऐसे में अब योजना के तहत इलाज कर पाना संभव नहीं है. गोड्डा के रेनबो हॉस्पिटल का कहना है कि करीब 300 मरीजों का इलाज किया. लेकिन, अब भुगतान नहीं मिलने की स्थिति में योजना के तहत इलाज बंद कर देंगे. राज्य के सभी जिलों के अस्पताल समय पर भुगतान नहीं होने से परेशान है.

भुगतान में देरी से मरीजों की बढ़ रही परेशानी

अस्पताल का नाम : बकाया (रुपये में)
मेडिका, रांची : 03 करोड़
मेहरबाई टाटा अस्पताल : 02 करोड़
पारस हॉस्पिटल : 21 लाख
मुस्कान हॉस्पिटल, बोकारो : 175 लाख
अशी अस्पताल, पलामू : 60 लाख
शांति भवन हॉस्पिटल, सिमडेगा : 20 लाख
नामधारी अस्पताल, धनबाद : 05 लाख
शिफा नर्सिंग होम, गोड्डा : 20 लाख
रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल : 25 लाख

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