झारखंड में आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए खुशखबरी, नियमावली बनाने की चल रही प्रक्रिया, जानें क्या है उनकी मांग

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झारखंड के करीब 38 हजार आंगनबाड़ी सेविका नियमावली तैयार हो रही है, सरकार इसके लिए जुट भी गयी है. सीएम हेमंत का आदेश है कि इसकी तैयारी शुरू कर दें.

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रांची : झारखंड की करीब 38 हजार आंगनबाड़ी सेविका, लघु सेविका और सहायिका के लिए जल्द ही खुशखबरी आनेवाली है. झारखंड सरकार इनके लिए सेवा शर्त नियमावली तैयार करने में जुट गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी तैयारी करने का निर्देश दिया है. दो माह में नियमावली बनने की उम्मीद है.

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झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार सोनू आंगनबाड़ी सेविकाओं और सरकार के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं. आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ वह कई दौर की बैठक कर चुके हैं. उनकी बातों पर एक रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री को सौंपेंगे. इधर, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है.

मांगों को लेकर करती रही हैं आंदोलन :

आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की संख्या राज्य में 38 हजार के करीब है. लेकिन इनके लिए अब तक कोई नियमावली नहीं है और न ही कोई निर्धारित मानदेय है. इस कारण अक्सर आंगनबाड़ी सेविका अांदोलन की राह पकड़ लेती हैं.

ये खुद को राज्य के चतुर्थवर्गीय कर्मियों के बराबर दर्जा देने की मांग करती आ रही हैं. सरकार ने तय किया है कि सबसे पहले आंगनबाड़ी सेविका सेवा शर्त नियमावली तैयार की जायेगी. यह एक ऐसी नियमावली होगी, जिसे कोई अधिकारी एक सर्कुलर के माध्यम से बदल नहीं सकता है. नियमावली के अनुरूप ही आंगनबाड़ी सेविका की नियुक्ति की जायेगी और निर्धारित मानदेय दिया जायेगा.

13 हजार के करीब होगा मानदेय :

पारा शिक्षकों के समान ही आंगनबाड़ी सेविकाओं का भी मानदेय निर्धारित करने की बात चल रही है. लगभग 13 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने पर बातचीत चल रही है. साथ ही विभागीय संविदा कर्मियों के समान महंगाई भत्ता और अन्य भत्ता भी देने को लेकर बात हो रही है.

सरकार द्वारा स्वीकृत अवकाश भी दिये जायेंगे. आंगनबाड़ी सेविका, लघु सेविका और सहायिका की सेवा काल में मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा का लाभ भी देने का प्रस्ताव नियमावाली में डाला जा रहा है. आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया जानेवाला पूरक पोषाहार भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप लागू करने की मांग आंगनबाड़ी सेविका संघ द्वारा की गयी है. सरकार इस पर भी गंभीरता से विचार कर रही है.

आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांग

आंगनबाड़ी सेविका, लघु सेविका व सहायिका को पूर्ण सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए सेविका व लघु सेविका को तृतीय वर्ग के समान तथा सहायिका को चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के समान वेतनमान स्वीकृत किया जाये एवं अति कुशल मजदूरों के समान 13184 रुपये मासिक वेतन का भुगतान अप्रैल 2020 से किया जाये.

  • आंगनबाड़ी सेविका, लघु सेविका एवं सहायिका की सेवा शर्त विभागीय नियमावली बनायी जाये

  • अनुकंपा पर नियुक्ति की जाये

  • उच्चतर पदों पर प्रोन्नति भी दी जाये

Posted By : Sameer Oraon

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