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Jharkhand: दो दिन में हाथी ने 8 लोगों को मार डाला, रांची के इटकी में 4 लोगों को मारने के बाद भी डटे हैं गजराज

Updated at : 21 Feb 2023 3:03 PM (IST)
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Jharkhand: दो दिन में हाथी ने 8 लोगों को मार डाला, रांची के इटकी में 4 लोगों को मारने के बाद भी डटे हैं गजराज

झारखंड में दो दिन में हाथी ने 8 लोगों को मार डाला है. ताजा मामला राजधानी रांची का है. रांची जिले के इटकी स्थित बोड़ेया और गढ़गांव में मंगलवार को 4 लोगों को मार डाला. जिन लोगों को हाथी ने मारा है, उनके नाम सुखवीर किंडो, पुनई उरांव, रदवा देवी और गोयंदा उरांव हैं.

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झारखंड में दो दिन में हाथी ने 8 लोगों को मार डाला है. ताजा मामला राजधानी रांची का है. रांची जिले के इटकी स्थित बोड़ेया और गढ़गांव में मंगलवार को 4 लोगों को मार डाला. जिन लोगों को हाथी ने मारा है, उनके नाम सुखवीर किंडो, पुनई उरांव, रदवा देवी और गोयंदा उरांव हैं. हाथी के हमले में एक महिला समेत दो लोग घायल हो गये हैं. बोड़ेया में हाथी ने सुखवीर किंडो (55) को मार डाला, तो गढ़गांव में भी पुनई उरांव (52) को. घायल गोयंदा उरांव की अस्पताल में मौत हो गयी.

गोयंदा उरांव ने अस्पताल में तोड़ दिया दम

बताया जा रहा है कि गढ़गांव में हाथी ने चचगुरा निवासी गोयंदा उरांव को पैरों से रौंद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है. उसे बेड़ो अस्पताल ले जाया गया. लेकिन, अस्पताल में उसकी मौत हो गयी. इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को लोहरदगा जिले में हाथियों ने 4 लोगों को मार डाला था. जिले के भंडरा प्रखंड के टंगरा गांव में हुई इस घटना के बाद से आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है.

लोहरदगा में 4 लोगों को हाथी ने मार डाला

उल्लेखनीय है कि झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने सोमवार तड़के टंगरा गांव में 3 ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला. मृतकों की पहचान लालमन महतो (60), झालो उरांव (27, पति-जीतराम उरांव) और सकून उर्फ नेहा (18, पति-राजेश लोहरा) के रूप में हुई थी. घटना के बाद हाथी ने गांव के बगल में स्थित पतरा में डेरा डाल दिया.

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रात में जंगल में गया हाथी

उसी दिन दोपहर करीब 3:00 बजे वहां से गुजर रहे कसपुर नवाटोली गांव निवासी गणेश उरांव (27, पिता-एतवा उरांव) को भी गुस्साये हाथी ने मार डाला. सूचना पाकर डीएफओ अरविंद कुमार, भंडरा बीडीओ रंजीत कुमार सिंह व अन्य पदाधिकारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. वनकर्मियों ने हाथी की गतिविधि पर नजर रखना शुरू कर दिया. रात में हाथी जंगल में चला गया.

जो सामने दिखा, हाथी ने उसे कुचल कर मार डाला

ग्रामीणों ने बताया कि हाथी सोमवार तड़के 5:00 बजे गांव में पहुंचा था. सुबह धुंध के कारण लोगों को नजर नहीं आ रहा था. नित्य क्रिया के लिए निकले जो भी लोग उसके सामने आये, उसे हाथी ने मार डाला. ग्रामीणों को कुचलने के क्रम में हाथी चिघाड़ रहा था. कुछ लोग जान बचाकर भाग गये. बाद में पता चला कि हाथी ने गांव के लालमन महतो, झालो उरांव और सकून को मार डाला है.

मना करने के बावजूद हाथी के करीब गया गणेश उरांव

हाथी पास के ही पातर में छिपा था. पुलिस एवं वनकर्मियों ने उस ओर जाने से लोगों को रोका. इस बीच नशे में धुत गणेश उरांव हाथी के करीब चला गया. गुस्साये हाथी ने उसे पटक कर कुचल दिया. वन विभाग के कर्मी उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये. प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे रिम्स रेफर करने की तैयारी चल ही रही थी कि उसने दम तोड़ दिया.

हर मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा

लोहरदगा में वन विभाग के कर्मी किशोर नंदकुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को वन विभाग की ओर से तत्काल 25-25 हजार रुपये दिये जायेंगे. कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हर परिवार को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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