रोहतास नगर पंचायत में जहरीला कचरा खा रहे मवेशी, कूड़े का पहाड़ बना सिरदर्द; जनप्रतिनिधि ने की शिकायत

फैला डंप कूड़ा को दिखाते मुख्य पार्षद
रोहतास नगर पंचायत में चार वर्षों से एक ही जगह कूड़ा डंप होने से एक किलोमीटर तक फैला कचरा पहाड़ बन गया है. इससे न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि मवेशी, श्रद्धालु और राहगीर भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं.
Sasaram News : रोहतास नगर पंचायत में कूड़ा प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. नगर क्षेत्र में बीते चार वर्षों से लगातार एक ही जगह कूड़ा डंप किए जाने से अब हालात गंभीर हो गए हैं. अवसानी नदी के किनारे फैला यह कचरा अब करीब एक किलोमीटर तक पहाड़ की तरह फैल चुका है. इससे न सिर्फ पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि राहगीरों, श्रद्धालुओं और मवेशियों के लिए भी यह बड़ा खतरा बन गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कूड़े से उठने वाली बदबू से इलाके में रहना मुश्किल हो गया है. दिन हो या रात, मवेशी इस कचरे में भोजन की तलाश में जुटे रहते हैं. जहरीले पदार्थ और प्लास्टिक खाने से कई मवेशी बीमार हो रहे हैं. पशु चिकित्सकों ने भी इसे बेहद खतरनाक बताया है.
श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए बढ़ी परेशानी
कूड़ा डंपिंग स्थल के बगल से ही वह सड़क गुजरती है, जिससे रोहितेश्वर धाम और गुप्ता धाम जाने वाले श्रद्धालु आते-जाते हैं. इस रास्ते से गुजरते समय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दुर्गंध और गंदगी के कारण यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है.
इसके अलावा कूड़े के पास ही ईदगाह, कब्रिस्तान और इमामबाड़ा स्थित है. इन जगहों पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं. ऐसे में यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य और सम्मान दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है.
जनप्रतिनिधि ने उठाया मुद्दा, प्रशासन से की शिकायत
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि तोराब नियाजी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया और वीडियो के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने बताया कि यह कूड़ा नदी और जंगल के पास डंप किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है.
उन्होंने इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी से जल्द समाधान की मांग की है. साथ ही वन विभाग के डीएफओ, रेंजर और जिलाधिकारी को भी पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है.
पर्यावरण पर पड़ रहा गहरा असर
कूड़े का ढेर जंगल के पास होने से पेड़-पौधों पर भी असर पड़ रहा है. कई बार शरारती तत्व इस कचरे में आग भी लगा देते हैं. इससे जहरीला धुआं फैलता है और आसपास का वातावरण प्रदूषित हो जाता है.
नगर पंचायत में कुल 13 वार्ड हैं. हर दिन करीब 13 गाड़ियां कूड़ा निकलता है. यह सारा कचरा एक ही जगह फेंका जा रहा है. इसी कारण यह ढेर अब पहाड़ का रूप ले चुका है.
अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल
मुख्य पार्षद सुम्बूल आरा ने कहा कि कूड़े का स्थायी समाधान संभव है. इसके लिए चारदीवारी कर उचित व्यवस्था की जा सकती है. लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यालय में नियमित रूप से नहीं बैठने के कारण काम लंबित है.
वहीं स्वच्छता पदाधिकारी सुमन कुमारी ने कहा कि समस्या को योजना में शामिल किया गया है. अधिकारी के आते ही इस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द समाधान निकाला जाएगा.
डॉक्टर की चेतावनी, मवेशियों के लिए जानलेवा हालात
पशु चिकित्सक डॉ अभिषेक कुमार ने बताया कि प्लास्टिक और जहरीला कचरा मवेशियों के लिए बेहद खतरनाक है. अगर मवेशी इसे निगल लेते हैं तो यह उनके पेट में पचता नहीं है. धीरे-धीरे उनकी पाचन क्रिया खराब हो जाती है. कई मामलों में उनकी जान भी जा सकती है.
रोहतास नगर पंचायत की यह स्थिति अब गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है. अगर समय रहते कूड़ा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो इसका असर लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और पशुओं की जिंदगी पर और भी भारी पड़ सकता है. अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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