शाइस्ता परवीन की खुलेगी हिस्ट्रीशीट! उमेश पाल हत्याकांड सहित इन मामलों में है नामजद, गुर्गों से कराती रही काम

शाइस्ता परवीन पर वर्तमान में 50 हजार का इनाम इनाम घोषित है. इसे एक लाख किया जा सकता है. वहीं उसके खिलाफ करीब छह केस दर्ज हैं. इन्हीं के आधार पर पुलिस उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है. उमेश पाल हत्याकांड में वांछित शाइस्ता परवीन पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है.
Prayagraj: प्रयागराज पुलिस रिकार्ड में माफिया करार दी जा चुकी अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन अब तक कानून को चकमा देने में सफल साबित हो रही है. एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस की कई टीमें लंबे समय से दबिश देने के बावजूद शाइस्ता का सुराग नहीं लगा पाई हैं. इस बीच अब शाइस्ता पर शिकंजा कसने के लिए उस पर इनाम राशि बढ़ाने और हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी की जा रही है.
शाइस्ता परवीन पर वर्तमान में 50 हजार का इनाम इनाम घोषित है. इसे एक लाख किया जा सकता है. वहीं उसके खिलाफ करीब छह केस दर्ज हैं. इन्हीं के आधार पर पुलिस उसकी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है. उमेश पाल हत्याकांड में वांछित शाइस्ता परवीन पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है.
पुलिस को शुरुआत में लग रहा था कि अतीक के गुनाहों में उसकी पत्नी का हाथ नहीं है. लेकिन, जैसे जैसे जांच पड़ताल आगे बढ़ी, राज खुलते गए. सामने आया कि अतीक के जेल जाने के बाद शाइस्ता लगातार उसके गुर्गों के जरिए गैरकानूनी काम में शामिल थी. वह पति के काले कारोबार को संभाल रही थी. साथ ही गुर्गों के जरिए अतीक गिरोह की पूरी वसूली को अंजाम दे रही थी.
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शाइस्ता परवीन के खिलाफ दर्ज मामलों की बात करें तो इनमें सबसे अहम उमेश पाल और दो सिपाहियों की हत्या में दर्ज एफआईआर है. पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल के बाद इसमें शाइस्ता को भी नामजद किया गया था. पुलिस ने जांच में शाइस्ता परवीन की भूमिका का जिक्र भी किया है. उमेश पाल हत्याकांड में शाइस्ता ने शूटर्स को आईफोन और रुपये भी दिए. इसके अलावा हत्याकांड के बाद छिपने में भी उनकी मदद की. इसके अलावा बेटे अली का फर्जी आई कार्ड बनवाने, असलहों का लाइसेंस लेने के लिए तथ्यों को छिपाने और अवैध असलहा रखने जैसे मामले भी शाइस्ता के खिलाफ दर्ज हैं.
शाइस्ता परवीन को लेकर हिस्ट्रीशीट खोलने की बात इसलिए भी कही जा रही है, क्योंकि धूमनगंज पुलिस ने बीती मई को असद के साथी आतिन जफर की गिरफ्तारी वाली एफआईआर में शाइस्ता को माफिया अपराधी लिखा था. नियमों के मुताबिक बिना हिस्ट्रीशीट खुले किसी अपराधी को माफिया नहीं करार दिया जा सकता. इसलिए धूमनगंज पुलिस ने शाइस्ता की हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए अधिकारियों से निर्देश मांगे हैं. वहां से मंजूरी मिलते ही शाइस्ता परवीन की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी. इससे आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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