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क्या गिरफ्तार होंगे राहुल गांधी? बीजेपी ने दर्ज कराया है संज्ञेय अपराध का FIR

Updated at : 20 Dec 2024 5:58 PM (IST)
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Rahul Gandhi

राहुल गांधी

Rahul Gandhi : विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर चर्चा में हैं. बीजेपी सांसदों ने उनपर संसद में हाथापाई करने का आरोप लगाया है और भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज कराया है. इन सेक्शन के तहत आरोप सिद्ध होने पर सात साल तक की अधिकतम सजा का प्रावधान भी है.

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Rahul Gandhi : संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार 19 जुलाई को खूब हंगामा हुआ और बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई की नौबत तक आ गई. कांग्रेस और बीजेपी दोनों एक दूसरे पर धक्कामुक्की का आरोप लगा रहे हैं और बीजेपी के सांसदों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. राहुल गांधी पर बीएनएस की छह धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है, कुछ ऐसे सेक्शन भी लगाए गए हैं, जिनके तहत सात साल तक की सजा का प्रावधान है.

संसद में आखिर क्यों आई हाथापाई की नौबत

संसद भवन परिसर में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियों ने गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के खिलाफ उनकी प्रतिमा के सामने विरोध मार्च निकाला था. उसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेता संसद में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे, उनका दावा है कि बीजेपी के सांसदों ने उनका रास्ता रोका और उन्हें धमकाया. राहुल गांधी ने एक वीडियो में बताया है कि वे संसद के मुख्य द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें बीजेपी के सांसदों ने रोका और वे अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे.उन्होंने कहा कि धक्कामुक्की से कोई अंतर पड़ता नहीं है. बाद में ऐसी बातें भी सामने आईं कि बीजेपी के सांसदों ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. दूसरे पक्ष यानी बीजेपी का कहना यह है कि राहुल गांधी ने बीजेपी के सांसद मुकेश राजपूत को धक्का दिया, जिससे वे सांसद प्रताप सिंह सारंगी के ऊपर गिर गए और दोनों की काफी चोट आई. वे दोनों अभी राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं.

बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

अस्पताल में भर्ती बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी

हाथापाई और धक्कामुक्की की घटना के बाद बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर और बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में एनडीए के सांसदों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर मामला दर्ज कराया. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार बीजेपी नेताओं ने भारतीय न्याय संहिता की इन धाराओं के अनुसार राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

  • धारा 117 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना): इस अपराध के लिए सजा सात साल तक की जेल और/या जुर्माना है.
  • धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना): इस अपराध के लिए सजा एक साल तक की जेल और/या जुर्माना है.
  • धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का कार्य): इस अपराध के लिए सजा तीन साल तक की जेल और/या 10,000 रुपये तक का जुर्माना है.
  • धारा 131 (हमला या आपराधिक बल का प्रयोग): इस अपराध के लिए तीन महीने तक की जेल की सजा और/या 1,000 रुपये तक का जुर्माना है.
  • धारा 351 (आपराधिक धमकी): इस अपराध के लिए सात साल तक की जेल की सजा और/या जुर्माना है.
  • धारा 3(5) (सामान्य इरादा): यह धारा बस यह स्थापित करती है कि जब कोई आपराधिक कृत्य कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति उस कृत्य के लिए उसी तरह उत्तरदायी है जैसे कि वह अकेले उसके द्वारा किया गया हो.

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कांग्रेस ने किया अमित शाह और मोदी पर पलटवार

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अमित शाह पर किया हमला

कांग्रेस नेता और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने कहा है कि राहुल गांधी पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है वे बस संसद में घुसने की कोशिश कर रहे थे और यह उनका हक है. विपक्ष भी इतने दिनों से प्रदर्शन कर रहा है, कभी किसी को आने जाने में परेशानी नहीं हुई. बीजेपी वालों ने एक दिन प्रदर्शन किया तो दूसरे का रास्ता रोकने लगे. राहुल गांधी ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर कहा बीजेपी अदाणी को बचाने के लिए सबकुछ कर रही है. वह नहीं चाहती कि पीएम मोदी के मित्र अदाणी पर संसद में चर्चा हो. गृहमंत्री अमित शाह संविधान निर्माता अमित शाह का अपमान कर रहे हैं, उन्हें अविलंब इस्तीफा देना चाहिए.

क्या राहुल गांधी की गिरफ्तारी हो सकती है?

राहुल गांधी पर जिन सेक्शन के तहत मामला दर्ज कराया गया है उनमें से धारा 117 और 125 संज्ञेय अपराध है, जिसके तहत पुलिस बिना अदालती वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है. इस लिहाज से राहुल की गिरफ्तारी की संभावना तो है, लेकिन यहां यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में एक आदेश दिया था कि जिस अपराध की सजा सात साल तक की जेल हो सकती है, उसके लिए गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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