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अमेरिकी राष्ट्रपति कांग्रेस से पारित विधेयक को कानून बनने से रोक सकता है, ये हैं विशेषाधिकार और वेतन

Updated at : 05 Nov 2024 6:49 PM (IST)
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us election results

US Election Results : अमेरिका के राष्ट्रपति को विश्व का सबसे ताकतवर व्यक्ति माना जाता है, इसका कारण है उन्हें प्राप्त कई विशेषाधिकार. अमेरिका का राष्ट्रपति कमांडर इन चीफ होता, वह अपने देश में नए कानूनों के निर्माण की सलाह देता है और उसे यह अधिकार भी प्राप्त है कि वह कांग्रेस के दोनों सदन द्वारा पारित विधेयक को वीटो पावर के जरिए कानून बनने से रोक दे.

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US Election Results : अमेरिका के राष्ट्रपति के पास एक्सीक्यूटिव प्रिविलिज का विशेषाधिकार है, जिसके तहत उनसे किसी गोपनीय बात की जानकारी देने से वह इनकार कर सकता है, चाहे वह जानकारी फ्रीडम ऑफ इंफाॅर्मेशन एक्ट के तहत ही आती हो. 2018 में जब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति थे, तो उन्होंने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25.5 करोड़ डालर की अमेरिकी मदद रोक दी थी और इसकी वजह नहीं बताई थी, यह उनके कार्यकारी विशेषाधिकार में आता है, जिसे एक्सीक्यूटिव प्रिविलेज का कहा जाता है.  

 

क्या हैं अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रमुख अधिकार?

अमेरिका का राष्ट्रपति सशस्त्र बलों का चीफ होता है उसके पास किसी देश के साथ युद्ध या सेना भेजकर कार्रवाई शुरू करने और खत्म करने का अधिकार है. उसके पास परमाणु हथियारों की टेस्टिंग से लेकर रक्षा नीतियों को बनाने का अधिकार भी है. हालांकि युद्ध की घोषणा का अधिकार अमरीकी कांग्रेस के पास है, लेकिन युद्ध को नियंत्रित करने की पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रपति के पास ही होती है.

वीटो पावर

अमेरिका का राष्ट्रपति अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन द्वारा पारित विधेयक को अपने विशेषाधिकार जिसे वीटो पावर कहा जाता है के जरिए किसी विधेयक को कानून बनने से रोक सकता है. 

राष्ट्रपति अगर वीटो पावर का इस्तेमाल कर देता है तो कोई भी विधेयक तब तक कानून नहीं बन सकता जबतक की कांग्रेस का दोनों सदन उसे दो तिहाई बहुमत से पारित ना कर दे.

अमूमन अगर राष्ट्रपति वीटो लगा देते हैं, तो उसके बाद कोई भी विधेयक कानून नहीं ही बनता है. वीटो लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है मेरी स्वीकृति नहीं है. राष्ट्रपति के पास यह अधिकार भी है कि वह यह सलाह दे कि देश को किस तरह के नए कानूनों की जरूरत है. भारत में यह अधिकार संसद के पास है कि वो किसी नए कानून को मंजूरी देगी या नहीं. भारत का प्रधानमंत्री अकेले नए कानूनों को मंजूरी नहीं दे सकता है, उसे कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ती है, उसके बाद ही वह विधेयक का रूप लेता है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति को कितनी मिलती है सैलरी?

अगर आप यह सोचते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति को बहुत ज्यादा सैलरी मिलती है, तो आप गलत हैं क्योंकि उनकी सैलरी सिंगापुर के प्रधानमंत्री को उनसे ज्यादा सैलरी मिलती है. हांगकांग के राष्ट्राध्यक्ष को भी उनसे सैलरी मिलती है. चूंकि अमेरिका का राष्ट्रपति जनता का सेवक होता है इसलिए उन्हें उनके काम का भुगतान किया जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति के वेतन और भत्ते का विवरण uscode.house.gov के अनुसार.

राष्ट्रपति को अपने कार्यकाल के दौरान प्रति वर्ष $400,000 की कुल राशि का भुगतान किया जाता है, यानी अमेरिकी राष्ट्रपति को सिर्फ 3.36 करोड़ सालाना वेतन दिया जाता है. इसके अलावा उन्हें व्यय भत्ता के रूप में $50,000 (42 लाख रुपये) यात्रा भत्ता के रूप में $100,000 (84 लाख रुपये) और मनोरंजन भत्ते के रूप में $19,000 (16 लाख रुपये) मिलते हैं. यानी कुल मिलाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रति वर्ष कुल वेतन 4.78 करोड़ रुपये के आसपास मिलते हैं. 

विश्व में सर्वाधिक वेतन पाने वाले राष्ट्राध्यक्ष

कितना आलीशान है व्हाइट हाउस जहां रहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति

व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति का अधिकारिक निवास स्थान है. इस हाउस का निर्माण आयरिश मूल के आर्किटेक्ट जेम्स होबन ने किया है. सफेद रंग की पत्थरों से इस भवन की बाहरी दीवारों का निर्माण किया गया है. वर्तमान में जो व्हाइट हाउस है वह छह मंजिला है और इसमें दो मंजिला बेसमेंट बनाया गया है. व्हाइट हाउस में 130 के करीब कमरे हैं और यह 55 हजार वर्गफीट में बना हुआ है. यहां अतिथियों के रहने की भी विशेष व्यवस्था है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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