अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. गुरुवार को जिस टैरिफ की घोषणा की गई है, उससे सबसे ज्यादा प्रभावित दवा उत्पाद होंगे. अमेरिका में जो विदेशी कंपनियां दवाइयां भेजती हैं उनमें भारत, चीन और यूरोप के कई देश शामिल हैं. ट्रंप यह चाहते हैं कि ये देश अमेरिका में फैक्ट्री लगाकर दवाइयों का उत्पादन करें, ताकि अमेरिकियों को वहां नौकरी मिले. जो दवा कंपनियां ऐसा करेंगी, उनपर टैरिफ कम लगाया जाएगा और जो कंपनियां विदेश से ही दवाइयां भेजेंगी, उनपर टैरिफ अधिक लगेगा. इससे उनके लिए अमेरिका में व्यापार करना कठिन हो जाएगा. दरअसल अमेरिका यह चाहता है कि दवाइयों के जरिए अमेरिका में नौकरी और निवेश दोनों ही बढ़े.