ePaper

Jubeen Garg Death : कितना खतरनाक है स्कूबा डाइविंग, जिसके दौरान हुई यूथ आइकन सिंगर जुबीन गर्ग की मौत

Updated at : 19 Sep 2025 6:04 PM (IST)
विज्ञापन
Jubeen Garg

जुबीन गर्ग

Jubeen Garg Death : जुबीन गर्ग एक युवा यूथ आइकन, जो अब हमारे बीच नहीं हैं. उनकी मौत एक दुर्घटना में हुई. एडवेंचर स्पोट्‌र्स स्कूबा डाइविंग के दौरान उनकी मौत हो गई है. जुबीन गर्ग उत्तर-पूर्व के महान गायक थे, जिन्होंने पूरे भारत को अपना फैन बना लिया था. खेलो इंडिया के थीम साॅन्ग को उन्होंने आवाज थी. जुबीन गर्ग ने असमिया, हिंदी, बंगाली, बोडो, नेपाली और अन्य कई भाषाओं में गाने गाए हैं.

विज्ञापन

Jubeen Garg Death : युवाओं के कल्चरल आइकन माने जाने वाले असमिया गायक जुबीन गर्ग की शुक्रवार को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान मौत हो गई. जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार वे स्कूबा डाइविंग के दौरान बेहोश हो गए, जिसकी वजह से दोपहर 2:40 पर उनकी मौत हो गई. जुबीन गर्ग नॉर्थ ईस्ट इंडिया म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए हुए थे. वे इस फेस्टिवल का उद्‌घाटन करने वाले थे और उन्हें यहां प्रस्तुति भी देनी थी.

कौन हैं जुबीन गर्ग

Jubin-garg
जुबीन गर्ग

जुबीन गर्ग असम के वैसे गायक हैं, जिन्होंने असमिया गानों को आधुनिकता का पुट दिया. उनके गाने ओ माया… रुनझुन- रुनझुन ने उन्हें असमिया गानों में काफी प्रसिद्धि दिलाई. हिंदी गानों में उन्हें गैंगस्टर मूवी के गाने या अली से प्रसिद्धि मिली थी. 52 साल के जुबीन गर्ग का जन्म मेघालय के तुरा में हुआ था. जुबीन गर्ग ने खेलो इंडिया के थीम साॅन खेलो इंडिया को अपनी आवाज दी थी. म्यूजिक कंपोजर जुबीन मेहता के नाम पर उन्हें जुबीन नाम मिला था. जुबीन के पिता का नाम मोहिनी मोहन बोरठाकुर और मां का नाम लिली बोरठाकुर था. जुबीन की मां एक गायिका थी, जिनकी वजह से उन्हें संगीत विरासत में मिला था. वे मात्र तीन वर्ष की आयु से ही गाने गाते थे. जुबीन की शादी असम की फैशन डिजाइनर गरिमा सैकिया से हुई थी. जुबीन को अनामिका नाम के असमिया वीडियो अलबम से पहचान मिली थी. वे वेस्टर्न गानों में भी प्रस्तुति देते थे. उन्होंने असमिया और वेस्टर्न गानों का संगम किया और युवाओं की पहली पसंद बन गए.

PM Modi’s 75th Birthday: वो 5 शख्सियत जिन्होंने एक चाय वाले के बेटे को बनाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

क्या है स्कूबा डाइविंग जिसके दौरान हुई जुबीन गर्ग की मौत

स्कूबा डाइविंग एक एडवेंचर डाइविंग है, जो युवाओं में खासा लोकप्रिय है. इसका पूरा नाम है Self Contained Underwater Breathing Apparatus (SCUBA). स्कूबा डाइविंग के दौरान एडवेंचर करने वाले व्यक्ति की पीठ पर ऑक्सीजन सिलेंडर होता है. डाइविंग से पहले उस व्यक्ति को मास्क, फिन्स और वेट सूट पहनना पड़ता है. उसके बाद वह समुद्र की गहराइयों को देखने के लिए पानी में डाइव करता है. इस डाइविंग के दौरान सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है क्योंकि ऑक्सीजन सिलेंडर साथ होता है. इस डाइविंग की खासियत यह है कि इसमें समुद्र के अंदर के जीवों और पेड़-पौधों को देखने का मौका मिलता है. स्कूबा डाइविंग को लेकर जो आंकड़े हैं, वो यह बताते हैं कि प्रति एक लाख पर 1 से 3 व्यक्ति की मौत इसमें होती है. इस लिहाज से यह बहुत खतरनाक नहीं माना जाता है, लेकिन यह एक एडवेंचर गेम है, तो खतरा हमेशा रहता है. अगर कोई व्यक्ति पानी की गहराई में डर जाए या उसके ऑक्सीजन सिलेंडर या मास्क में कोई दिक्कत हो जाए, तो हार्टअटैक का खतरा रहता है, जिसमें किसी की मौत संभव है.

ये भी पढ़ें : जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद इलियास कश्मीरी का वीडियो वायरल होने के बाद मुंह छिपाता फिर रहा है पाकिस्तान

 Mughal Harem Stories : बेहतरीन भुने मांस, शराब और नौकाविहार के साथ बादशाह मनाते थे जन्मदिन का उत्सव

भारत के किस क्षेत्र पर नेपाल करता है अपना दावा?  क्या सुशीला कार्की के शासन में दोनों देशों के बीच मिटेंगी सारी दूरियां

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola