Delhi Election Results : मोदी की गारंटी का तोप चला, बीजेपी ने किया दिल्ली फतह

मोदी की गारंटी पर बीजेपी ने जीता दिल्ली
Delhi Election Results : दिल्ली की सत्ता पर एक बार फिर भगवा ध्वज लहरा गया है और 27 साल बाद बीजेपी ने सत्ता में वापसी की है. आम आदमी पार्टी के खिलाफ एंटी इनबेंसी को बीजेपी ने मोदी की गारंटी के दम पर अपने नाम किया.
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Delhi Election Results : दिल्ली की सत्ता पर लगातार तीन बार से आसीन आम आदमी पार्टी को 2025 के चुनाव में बीजेपी ने करारी शिकस्त दी है. अबतक परिणाम के जो रुझान सामने आए हैं, उसके अनुसार बीजेपी स्पष्ट बहुमत की ओर जा रही है. 70 में से 47 सीट पर बीजेपी को बढ़त हासिल है, जबकि आप 23 सीटों पर आगे है. कांग्रेस को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है और उसका खाता अब तक नहीं खुला है. यहां बड़ा सवाल यह है कि आखिर पर्दे के पीछे वो कौन लोग या कारण थे, जिन्होंने इस चुनाव में बड़ा खेला किया है?
रेवड़ियों से नाराज हुआ मिडिल क्लास
आम आदमी पार्टी का जब 2012 में गठन हुआ तो उसने अपनी छवि इस तरह की बनाई थी जैसे वह आम आदमी यानी मिडिल क्लास की पार्टी है. आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार की बात की, महिला सुरक्षा की बात की और महंगाई की बात करके मिडिल क्लास के बीच अपनी पैठ बनाई. आम आदमी का चेहरा जल्दी ही धूमिल हो गया, जब उसने खुद को सिर्फ गरीबों की पार्टी के रूप में पेश कर दिया और रेवड़ियां बांटना शुरू कर दिया. मुफ्त पानी, मुफ्त बिजली हर महीने महिलाओं के खाते में एक हजार रुपए और अन्य योजनाओं ने मिडिल क्लास का दिल तोड़ दिया और मिडिल क्लास ने चुपचाप अरविंद केजरीवाल को बड़ी चोट दे दी है. जो आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाकर सत्ता तक पहुंची थी, उसी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया और सत्येंद्र जैन भ्रष्टाचार के मामले में जेल गए और चुनाव में मुंह की खाई. अरविंद केजरीवाल के शीशमहल की खबर वायरल होने से जनता का मोहभंग हो गया और उन्हें यह लगने लगा कि केजरीवाल को दिल्ली की चाबी सौंपकर उनसे गलती हो गई, जिसका भूल सुधार उन्होंने इस चुनाव में कर दिया.
मोदी की गारंटी से बीजेपी ने मध्यम वर्ग को लुभाया

दिल्ली का मध्यम वर्ग आप से नाराज है, इस बात को बीजेपी समझ गई थी और उसने इस बात का फायदा उठाते हुए मिडिल क्लास को सांत्वना देते हुए उनके साथ खड़े होने का मजबूती से वादा किया. बीजेपी ने यह बात की आम लोगों के मन में डाल दी कि हम किसी कल्याणकारी योजना को बंद नहीं करेंगे, लेकिन हम मिडिल क्लास के लिए काम करेंगे. साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात भी कही गई, ताकि मध्यम वर्ग को राहत मिले. इसके साथ ही बीजेपी ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की , जिससे निश्चित तौर पर मध्यम वर्ग को फायदा होगा. बजट में भी सरकार ने मिडिल क्लास को राहत दी और उनके मन में यह बात पुख्ता कर दी कि डबल इंजन की सरकार से दिल्ली वासियों को फायदा होगा. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार दिल्ली की आबादी का लगभग 68 प्रतिशत मध्यम वर्ग से आता है, जिसे बीजेपी ने साध लिया.
नागरिक सुविधाओं के अभाव में आप से उठा जनता का भरोसा
2020 के चुनाव में जब आम आदमी पार्टी चुनाव जीतकर आई, तो उसे अति विश्वास हो गया. आप ने जनता की जरूरतों की उपेक्षा करना शुरू कर दिया और आम राजनीतिक पार्टियों की तरह सिर्फ अपना हित साधने में जुटी रही. जनता के घरों में पानी नहीं आ रहा था और केजरीवाल अपनी महत्वाकांक्षा पूरी कर रहे थे. सड़कें खराब थी, लेकिन केजरीवाल की सरकार ने उनपर ध्यान नहीं दिया. खराब सड़कें और नालियों की दुर्दशा से जनता परेशान रही. सड़कों पर कचरे का ढेर लगा रहा रहता था, क्योंकि कचरे के निदान के लिए कोई प्रबंधन काम नहीं कर रहा था.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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