History Of Google: 25 साल पहले Backrub से ऐसे बना था गूगल, जानिए पूरी बात

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 11 Mar 2024 11:26 AM

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Google Turns 25 |सर्च इंजन गूगल की शुरुआत करनेवाले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन का गूगल को बनाने का मकसद विश्वभर की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था. आज लगभग पूरी दुनिया की जानकारी गूगल पर मिल जाती है. वर्तमान में गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. गूगल में आज लोग 100 से अधिक भाषाओं में सर्च कर सकते हैं

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Happy Birthday Google : दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल (Search Engine Google) 27 सितंबर, दिन बुधवार को अपना 25वां जन्मदिन (Google 25th Birthday) मना रहा है. जैसा कि हर बड़े मौके पर गूगल करता है, गूगल अपने जन्मदिन (Google Birthday) के अवसर पर अपनी यादों को शानदार बनाने के लिए अपने होम पेज पर गूगल डूडल (Google Doodle) काे जगह देता है. आप भी गूगल सर्च और इसकी अन्य सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके भी मन में यह बात जरूर आती होगी कि विश्वभर में इस्तेमाल होनेवाला गूगल सर्च इंजन कैसे बना और इसे किसने बनाया? चलिए आपको बताते हैं-

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सर्च इंजन गूगल की शुरुआत लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने साल 1996 में एक रिसर्च प्रोजेक्ट के दौरान की थी. उस समय लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे. गूगल के जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं गूगल की शुरुआत से जुड़ी कुछ खास बातें, जो शायद नहीं जानते होंगे आप. दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल को आज से 25 साल पहले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने शुरू किया था. दोनों दोस्त स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे. शुरुआत में लैरी और सर्जेई ने Google.stanford.edu एड्रेस पर BackRub के नाम से एक इंटरनेट सर्च इंजन बनाया. बाद में इसका नाम बदलकर गूगल कर दिया गया.

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15 सितंबर 1995 को Google.com डोमेन का रजिस्ट्रेशन किया गया था. जबकि गूगल, एक कंपनी के तौर पर चार सितंबर 1998 को रजिस्टर की गई थी. गूगल वर्तमान में 150 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है. पहले गूगल का जन्मदिन अलग-अलग तारीखों को मनाया जाता था. सबसे पहले गूगल ने अपना जन्मदिन 7 सितंबर को मनाया था. उसके बाद 8 सितंबर और 26 सितंबर को गूगल का जन्मदिन मनाया गया था. चूंकि 27 सितंबर को कंपनी ने अपने सर्च इंजन पर रिकॉर्ड नंबर पेज सर्च किया गया. इसके बाद से अब तक इसी दिन कंपनी अपना जन्मदिन मनाती है.

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सर्च इंजन गूगल की स्थापना साल 1998 में कैलिफॉर्निया की स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के दो छात्र लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने की थी. लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन ने गूगल के ऑफिशियली लॉन्च करने से पहले इसका नाम Backrub रखा था. रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस समय गूगल की शुरुआत की गई थी उस समय वर्ल्ड वाइड वेब (www) पर लगभग 25 मिलियन पेज थे. उस समय गूगल पर कुछ भी सर्च करने पर 25 मिलियन पेज की जानकारी प्राप्त हो जाती थी. उस समय गूगल का एल्गोरिदम (Algorithm) बेहतरीन था.

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सर्च इंजन गूगल की शुरुआत करनेवाले लैरी पेज और सर्जेई ब्रिन का गूगल को बनाने का मकसद विश्वभर की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था. आज लगभग पूरी दुनिया की जानकारी गूगल पर मिल जाती है. Google का नाम भी खास है, क्योंकि यह 10100 या googol के लिए कॉमन स्पेलिंग है. वर्तमान में गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. गूगल में आज लोग 100 से अधिक भाषाओं में सर्च कर सकते हैं. भारत में भी गूगल ने अपने आपको स्थानीय स्तर पर तैयार किया है और इसमें कई भाषाओं को जोड़ा है. आज आप गूगल लैपटॉप और कंप्यूटर, मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं. गूगल कंपनी ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर मोबाइल डिवाइस तक बनाती है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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