तमिलनाडु मामले में भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों की एसआइटी कर रही तलाश, विशेष पुलिस टीम आयी थी बिहार

भ्रामक पोस्ट की जांच को लेकर तमिलनाडु पुलिस की विशेष टीम भी एसीपी सर्वाणन के नेतृत्व में बिहार आयी थी. इस टीम ने पटना के अलावा भोजपुर क्षेत्र में कई लोगों से पूछताछ की. इन्होंने बिहार पुलिस के इओयू के वरीय अधिकारियों से भी मुलाकात कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया.
पटना. तमिलनाडु में रह रहे बिहारी मजदूरों को लेकर भ्रामक पोस्ट वायरल करने के आरोपियों की तलाश जारी है. इसको लेकर आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने एसआइटी का गठन किया है. एसआइटी पिछले दो दिनों से भोजपुर और आसपास के इलाकों में नामजद अभियुक्त युवराज सिंह राजपूत की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. इस मामले में इओयू ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें से अमन कुमार को जमुई से गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अलावा यूट्यूब पर पोर्टल चलाने वाले मनीष कश्यप व राकेश तिवारी के विरुद्ध भी जांच जारी है.
भ्रामक पोस्ट की जांच को लेकर तमिलनाडु पुलिस की विशेष टीम भी एसीपी सर्वाणन के नेतृत्व में बिहार आयी थी. इस टीम ने पटना के अलावा भोजपुर क्षेत्र में कई लोगों से पूछताछ की. इन्होंने बिहार पुलिस के इओयू के वरीय अधिकारियों से भी मुलाकात कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया. मामले में इओयू ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल से भ्रामक पोस्ट करने वाले लोगों से जुड़े साक्ष्य मांगे हैं. इसको लेकर गुरुवार को फिर से रिमाइंडर भेजा गया है.
प्रवासी कामगारों पर कथित हमले की जांच के लिए तमिलनाडु गया बिहार के वरीय अफसरों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में तमिलनाडु में स्थिति शांतिपूर्ण है. बिहारी प्रतिनिधिमंडल को हमले से जुड़े कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं. टीम के सदस्यों ने तमिलनाडु के वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा स्थानीय और बिहारी श्रमिकों से भी बातचीत की. श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी इनपुट लिया गया.
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राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने ट्वीट किया है कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को घेरने के लिए कुछ नफरती लोग लगे हुए हैं. इस कार्य में एक फर्जी यू ट्यूबर लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि उसका पर्दाफाश हो गया है. गगन ने उसे संघ समर्थक बताया है. उन्होंने लिखा है कि उसने अपना ट्वीट भी हटा दिया है. अब वह पुलिस के डर के मारे भागा फिर रहा है. यू ट्यूबर ने अपना चश्मा भी बदलवा लिया है. राजद नेता गगन ने यह भी ट्वीट किया है कि जमीन के बदले नौकरी मामले की दो बार सीबीआइ ने जांच की. दोनों ही बार साक्ष्य के अभाव में केस को बंद कर दिया था. महागठबंधन बनने के बाद फिर से इसे खोला जा रहा है.
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