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छपरा में सुबह से लग रही कतार, शाम में निराश लौट रहे किसान, जानें गया, सासाराम और कैमूर का हाल

Updated at : 25 Dec 2022 9:03 AM (IST)
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छपरा में सुबह से लग रही कतार, शाम में निराश लौट रहे किसान, जानें गया, सासाराम और कैमूर का हाल

बिहार में यूरिया की किल्लत किसान झेल रहे हैं. प्रदेश के कई जिलों में सुबह से ही किसानों की लंबी कतार दिख रही है. अमनौर में यूरिया लेने पहुंचे किसान रघु मांझी, भरत सिंह आदि ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही सेंटर पर आये थे. जब उनकी बारी आयी तब यूरिया खत्म हो चुका था.

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छपरा. सारण जिले में यूरिया की किल्लत किसान झेल रहे हैं. जिले के कई सेंटर पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतार दिख रही है. शनिवार को सदर प्रखंड की बाजार समिति, इसुआपुर, अमनौर, बनियापुर, तरैया, दिघवारा आदि प्रखंडों में विस्कोमान के सभी वितरण केंद्रों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने का बोर्ड लगा दिया गया. अमनौर व तरैया के सेंटर पर शनिवार को सुबह भारी भीड़ दिखी. यहां महज 50-50 बैग यूरिया बंटने के बाद किसानों को बैरंग लौटा दिया गया. जिले में विस्कोमान के 90 फीसदी केंद्रों पर यूरिया नहीं होने के कारण किसानों को वापस लौटना पड़ा. जिला कृषि पदाधिकारी ने सोनपुर में विस्कोमान वितरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान यूरिया खत्म होने के कारण केंद्र के बंद होने की बात भी स्वीकारी.

यूरिया के लिए किसान परेशान

अमनौर में यूरिया लेने पहुंचे किसान रघु मांझी, भरत सिंह आदि ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही सेंटर पर आये थे. जब उनकी बारी आयी तब यूरिया खत्म हो चुका था. कुछ किसानों का आरोप था कि कई विक्रेताओं के पास एक ही परिवार के चार से पांच सदस्य आधार कार्ड प्रस्तुत कर चार से पांच बोरा यूरिया ले लेते हैं. ऐसे में कई किसान को एक बोरा भी यूरिया नहीं मिल पाता. वहीं तरैया केंद्र पर यूरिया लेने आयी महिलाओं ने कालाबाजारी का आरोप भी लगाया. विदित हो कि जिले में कुल 18 हजार एमटी यूरिया वर्तमान खेती के लिये जरूरी है. जबकि अबतक महज 11 हजार एमटी यूरिया ही मिल पायी है. जबकि शनिवार तक 10500 एमटी यूरिया वितरण हो चुका है. वहीं दुकानदारों का कहना है कि जितनी यूरिया विभाग से मिल रही है. उसे प्राथमिकता के आधार पर बांटा जा रहा है.

24 दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित, तीन पर केस

गया जिले में 37000 मीटरिक टन यूरिया खाद के लक्ष्य के विपरीत 20020.508 मीटरिक टन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 21 दिसंबर तक 15420.831 मीटरिक टन की खपत हो चुकी है. शेष 4599.677 मीटरिक टन यूरिया फिलहाल उपलब्ध है. इधर, जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा महतो ने बताया कि फिलहाल यूरिया उर्वरक की जिले में कमी नहीं है. अगला लॉट नहीं आने पर कमी हो सकती है. लेकिन, ऐसा होने की संभावना कम है. इसके लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. कुल 150 जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है. इनमें 75 मामलों में अनियमितता पायी गयी है. कुल 24 लाइसेंस निलंबित किये जा चुके हैं. तीन पर केस हुआ.

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जानें सासाराम और रोहतास का हाल

सासाराम जिले में गेहूं की बुआई अब तक मात्र 60 फीसदी हुई है. गेहूं बुआई का लक्ष्य 140500 हेक्टेयर निर्धारित है. यूरिया की आपूर्ति जिले में लगातार हो रही है. किसान खाद दुकानों से आसानी से खाद प्राप्त कर रहे हैं. जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार राय ने बताया कि यूरिया की आवश्यकता 55000 एमटी के अनुपात 45 फीसदी 24377 एमटी की आपूर्ति हो चुकी है. सभी कृषि अधिकारियों को खाद बिक्री पर मॉनीटरिंग करने का निर्देश जारी किया गया है.

जानें कैमूर का हाल

कैमूर जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. अनुमंडल स्तर पर छापेमारी दल का गठन किया गया है. रबी सीजन में अधिक मूल्य पर खाद बेचने को लेकर दो दुकानों का लाइसेंस रद्द किया गया है और चार दुकानदारों से स्पष्टीकरण पूछा गया है. यह जानकारी देते हुए डीएओ रेवती रमण ने बताया कि जिले में यूरिया की डिमांड अभी कम है.

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